1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Vijaya Ekadashi: जाने कब है विजया एकादशी, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

Vijaya Ekadashi: जाने कब है विजया एकादशी, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय

एकादशी का व्रत महीने में दो बार रखना होता है. इस दिन श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा करना होता है. बोलते है ये दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे खास होता है. इस दिन पूजा और व्रत का पालन करने से व्यक्ति को जीवन की तमाम परेशानियों से पूरी तरह से निजात मिल जाता है.

By आराधना शर्मा 
Updated Date

एकादशी का व्रत महीने में दो बार रखना होता है. इस दिन श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा करना होता है. बोलते है ये दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे खास होता है. इस दिन पूजा और व्रत का पालन करने से व्यक्ति को जीवन की तमाम परेशानियों से पूरी तरह से निजात मिल जाता है. वहीं फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने वालों को शत्रुओं पर विजय मिल जाती है.

पढ़ें :- 8 मार्च का 2026 का राशिफल : मेष और मिथुन राशि वालों को होगा धन लाभ ,मीन राशि वालों का रुकी हुई इनकम दोबारा हो सकती है शुरू

कब हैं विजया एकादशी?

हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन मास की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 फरवरी 2025 को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर होने वाली है. वहीं तिथि का समापन 24 फरवरी 2025 को दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर होने वाला है. उदया तिथि के मुताबिक, इस बार विजया एकादशी का व्रत सोमवार 24 फरवरी को रखा जाने वाला है.

वैदिक पंचांग के मुताबिक, विजया एकादशी के दिन का शुभ मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक होने वाला है, विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 15 मिनट तक रहने वाला है, गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 15 मिनट से 06 बजकर 40 मिनट तक होने वाला है, निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

जानिए विजया एकादशी की पूजा विधि

विजया एकादशी की पूजा के दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करनेके पश्चात श्रीहरि का ध्यान करके व्रत का संकल्प ले लें. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ कहा जाता है. पूजा स्थल की सफाई कर लें. उसके पश्चात मंदिर में चौकी सजाकर उसपर पीला कपड़ा बिछाया जाता है और भगवान विष्णु की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित कर दें. इसके पश्चात भगवान विष्णु को फूल, दीप. चंदन, फल, तुलसी के पत्ते और भोग में मिठाई अर्पित कर दें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और आरती कर पूजा का संपन्न कर दें.

विजया एकादशी पारण का वक़्त

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर ही होता है. यानी विजया एकादशी व्रत का पारण 25 फरवरी को सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट तक रहने वाला है. इस दौरान व्रत करने वाले लोग पारण कर पाएंगे.

पढ़ें :- Chardham Yatra Registration 2026 : चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कहां और कैसे होगा पंजीकरण?

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...