यूपी के कई जिलों में बीते 48 घंटों से झमाझम बारिश हो रही है। इसे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में भी आसमान से आफत बनकर बारिश बरस रही है ।
लखनऊ : यूपी के कई जिलों में बीते 48 घंटों से झमाझम बारिश हो रही है। इसे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ में भी आसमान से आफत बनकर बारिश बरस रही है । शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। कहीं सड़कें टूट गईं तो कहीं पर जलमग्न हो गया। वहीं आंधी-बारिश से पोल भी टूटकर गिर गये। मौसम विभाग की मानें तो 27 सितंबर तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।
राजधानी समेत कई जिलों में शनिवार को 12वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके साथ ही दिन का तापमान करीब छह शहरों में 9 से 10 डिग्री तक नीचे आ गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान 59 जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है। मौसम विभाग ने 5 जिलों के लिए अत्यधिक भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है।
आशियाना स्थित नाबार्ड के पास सड़क पर भारी जलभराव हो गया। सड़क पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

निशातगंज की गली नंबर-4 में बारिश के बीच बरगद का पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से रास्ता बाधित हो गया और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
फैजुल्लागंज में जुड़वा मंदिर के पास बिजली लाइन पर पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के साथ इलाके में लोगों की परेशानी बढ़ गई।
आशियाना के सेक्टर आर, एल, जी और एच में भारी जलभराव रहा। यहां क़िला मोहम्मदी नाले और सड़क का अंतर खत्म हो गया। महानगर व भूतनाथ इलाके में जलभराव के कारण यहां के बाजार अस्त-व्यस्त हो गए।
ताज होटल के पास घुटनों तक पानी
राजधानी लखनऊ के ताज होटल के पास पुल के नीचे लबालब पानी भर गया। निकासी न होने से ताज होटल और एलडीए मुख्यालय के सामने भीषण जाम लग गया। वहीं, कई स्थानों पर खंभे टूटकर जमीन पर गिर गए।
तालाब बनीं जानकीपुरम-गोमतीनगर की सड़कें
जानकीपुरम विस्तार के सातों सेक्टरों की सड़कें भारी बारिश से जलमग्न हो गईं। वहीं, न्यू एमटी कॉलेज और गोमतीनगर में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। पहले से उखड़ी सड़कों पर जलभराव के कारण गड्ढे छिप गए, जिससे दिनभर में दर्जनों वाहन सवार गिरकर चोटिल हुए।
इन जिलों में भी भारी बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता
लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।
बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी
आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर
राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।