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Maharashtra News : BJP MLA सुरेश धास ने मंत्री धनंजय मुंडे पर कृषि खरीद में 300 करोड़ रुपये के घोटाले का लगाया बड़ा आरोप

महाराष्ट्र में बीजेपी विधायक सुरेश धास (BJP MLA Suresh Dhas) ने कृषि मंत्री धनंजय मुंडे (Agriculture Minister Dhananjay Munde) और उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड (Valmik Karad) पर कृषि खरीद के दौरान 300 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है।

By santosh singh 
Updated Date

मुंबई: महाराष्ट्र में बीजेपी विधायक सुरेश धास (BJP MLA Suresh Dhas) ने कृषि मंत्री धनंजय मुंडे (Agriculture Minister Dhananjay Munde) और उनके करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड (Valmik Karad) पर कृषि खरीद के दौरान 300 करोड़ रुपये के घोटाले में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप उस समय आया जब ढस को मुंडे से मुलाकात करने पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

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मुंडे पर लगाए गए आरोप

धास ने कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए धनंजय मुंडे (Agriculture Minister Dhananjay Munde)  ने संदिग्ध लेन-देन किए, जिसमें बिना किसी मांग के बड़े पैमाने पर खरीदारी की गई। किसानों या क्षेत्रीय अधिकारियों से किसी प्रकार की मांग नहीं की गई थी, फिर भी भारी मात्रा में खरीदारी की गई। प्रस्ताव भेजे जाने और सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी होने की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी कर दी गई। राज्य कृषि आयुक्त प्रवीण गेडाम (State Agriculture Commissioner Praveen Gedam) ने लेन-देन को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से करने की सिफारिश की थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया।

अवैध भुगतान का आरोप

धास के अनुसार, डिप्टी सेक्रेटरी संतोष कराड (Deputy Secretary Santosh Karad) के आदेश पर नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और घोंघे के संक्रमण को रोकने के उपायों की खरीद के लिए एडवांस भुगतान किया गया था। यह भुगतान मुख्यमंत्री की मंजूरी से हुआ था, लेकिन धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने किसानों के लिए भुगतान करने के लिए मौजूदा डीबीटी (DBT) मार्ग को दरकिनार कर दिया।

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एडवांस फंड के नाम पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली जांच समिति की मंजूरी को भी दरकिनार किया गया। कपास जैसी फसलें दिसंबर में काटी जाती हैं, लेकिन उनके लिए आवश्यक उर्वरकों की खरीद मार्च में की गई, जो घोटाले को इंगित करता है। टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं।

राज्य सरकार को लगभग 45 करोड़ रुपये का नुकसान

धास ने यह भी आरोप लगाया कि बैटरी-ऑपरेटेड पंपों को 3425 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदा गया, जबकि उनकी वास्तविक लागत मात्र 1500 रुपये थी। इस प्रकार, इस खरीद से राज्य सरकार को लगभग 45 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

महाराष्ट्र की राजनीति में  मचा दी हलचल

सुरेश धास के इन आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या इस मामले की कोई जांच शुरू की जाएगी।

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