बच्चों की सेहत से खिलवाड़ का एक हैरान करने वाला मामला गुजरात के सूरत में सामने आया है। आरोप है कि यहां एक मेडिकल स्टोर पर जानवरों के लिए तैयार किया गया लिक्विड बच्चों की दवा बताकर बेचा जा रहा था।
Medical Store Fraud: गुजरात के सूरत से दवा के नाम पर धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मेडिकल स्टोर संचालक पर जानवरों के लिए बने टॉनिक को बच्चों की दवा बताकर बेचने का आरोप लगा है। आरोपी कथित तौर पर बड़े कैन से लिक्विड निकालकर छोटी बोतलों में भरता था और उन पर मशहूर दवा Liv.52 ड्रॉप्स का नकली लेबल लगाकर ग्राहकों को बेचता था। पुलिस ने खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) की टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, मामला सूरत के गोपीपुरा इलाके में स्थित शांतिनाथ मेडिकल स्टोर का है। मंगलवार को FDCA की टीम ने यहां छापा मारा। इस दौरान मेडिकल स्टोर संचालक 51 वर्षीय मोहम्मद साजिद इब्राहिम मुल्ला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि वह हिमालय Liv.52 प्रोटेक लिक्विड वेटेरिनरी फीड सप्लीमेंट को बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा के रूप में पेश कर रहा था।
जांच के अनुसार, आरोपी एक और पांच लीटर के कैन से लिक्विड निकालकर उसे 60 और 100 मिलीलीटर की छोटी बोतलों में भरता था। इसके बाद बोतलों पर Liv.52 ड्रॉप्स के नकली लेबल लगाकर उन्हें मेडिकल स्टोर से बेचा जाता था। आरोप है कि इस तरह ग्राहकों से दोगुनी कीमत वसूली जा रही थी।
इस मामले ने बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सुरक्षा और मेडिकल स्टोरों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आरोपी की दुकान से कितने लोगों ने यह उत्पाद खरीदा था और कितने बच्चों को दिया गया।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। अब जांच की जा रही है कि इस कथित फर्जीवाड़े में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं और आरोपी कब से इस तरीके से उत्पाद बेच रहा था।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्होंने संबंधित मेडिकल स्टोर से Liv.52 ड्रॉप्स खरीदे हैं और बच्चे को देने के बाद कोई परेशानी हुई है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।