1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मायावती का कांग्रेस पर निशाना, कहा-अपने बुरे दिनों में दलितों को मुख्यमंत्री व संगठन में बनाते हैं प्रमुख

मायावती का कांग्रेस पर निशाना, कहा-अपने बुरे दिनों में दलितों को मुख्यमंत्री व संगठन में बनाते हैं प्रमुख

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, देश में अभी तक के हुए राजनीतिक घटनाक्रमों से यह साबित होता है कि खासकर कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियों को अपने बुरे दिनों में तो कुछ समय के लिए इनको दलितों को मुख्यमंत्री व संगठन आदि के प्रमुख स्थानों पर रखने की जरूर याद आती है। लेकिन ये पार्टियां, अपने अच्छे दिनों में, फिर इनको अधिकांशतः दरकिनार ही कर देती हैं...

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, अपने बुरे दिनों में ये दलितों को मुख्यमंत्री और संगठन में प्रमुख पद देते हैं। कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियां शुरू से ही इनके आरक्षण के भी खिलाफ रही हैं। राहुल गांधी ने तो विदेश में जाकर इसको खत्म करने का ही एलान कर दिया है। ऐसी संविधान, आरक्षण व SC, ST, OBC विरोधी पार्टियों से ये लोग जरूर सचेत रहें।

पढ़ें :- Big Accident UP : ट्रैक पर पेशाब कर रहे ट्रेन से कटकर पांच की मौत, गाड़ी का हॉर्न सुन दौड़े थे सभी

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, देश में अभी तक के हुए राजनीतिक घटनाक्रमों से यह साबित होता है कि खासकर कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियों को अपने बुरे दिनों में तो कुछ समय के लिए इनको दलितों को मुख्यमंत्री व संगठन आदि के प्रमुख स्थानों पर रखने की जरूर याद आती है। लेकिन ये पार्टियां, अपने अच्छे दिनों में, फिर इनको अधिकांशतः दरकिनार ही कर देती हैं तथा इनके स्थान पर, फिर उन पदों पर जातिवादी लोगों को ही रखा जाता है, जैसा कि अभी हरियाणा प्रदेश में भी देखने के लिए मिल रहा है।

उन्होंने आगे लिखा कि, जबकि ऐसे अपमानित हो रहे दलित नेताओं को अपने मसीहा बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर से प्रेरणा लेकर इन्हें खुद ही ऐसी पार्टियों से अलग हो जाना चाहिए तथा अपने समाज को फिर ऐसी पार्टियों से दूर रखने के लिए उन्हें आगे भी आना चाहिए। क्योंकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने देश के कमजोर वर्गों के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की वजह से अपने केन्द्रीय कानून मन्त्री पद से इस्तीफा भी दे दिया था।

साथ ही कहा, जिनसे प्रेरित होकर फिर मैंने भी जिला सहारनपुर के दलित उत्पीड़न के मामले में इसकी हुई उपेक्षा तथा ना बोलने देने की स्थिति में, फिर मैंने इनके सम्मान व स्वाभिमान में अपने राज्यसभा सांसद से इस्तीफा भी दे दिया था। ऐसे में दलितों को बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने की ही सलाह। इसके इलावा, कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियां शुरू से ही इनके आरक्षण के भी विरूद्ध रही हैं। राहुल गांधी ने तो विदेश में जाकर इसको खत्म करने का ही एलान कर दिया है। ऐसी संविधान, आरक्षण व SC, ST, OBC विरोधी पार्टियों से ये लोग जरूर सचेत रहें।

पढ़ें :- Lucknow Fire Tragedy : 1200 झोपड़ियां जलकर राख, पटाखों की तरह फूटे सिलिंडर, आग बुझाने में लगीं 22 दमकल गाड़ियां
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...