1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. आकाश आनंद से जिम्मेदारी छीन,भाई ईशान को सौंपी 15 राज्यों की कमान! मायावती का बड़ा दांव

आकाश आनंद से जिम्मेदारी छीन,भाई ईशान को सौंपी 15 राज्यों की कमान! मायावती का बड़ा दांव

BSP में बड़े बदलाव के बीच आकाश आनंद की भूमिका घटती दिख रही है, जबकि छोटे भाई ईशान आनंद को 15 राज्यों की अहम जिम्मेदारी मिली है। इससे पार्टी के अंदर नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।

By Kalpna Pandey 
Updated Date

Up Politics: बहुजन समाज पार्टी यानी BSP में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है और इस बदलाव के केंद्र में हैं मायावती के परिवार के दो चेहरे—आकाश आनंद और उनके छोटे भाई ईशान आनंद। एक तरफ आकाश आनंद लगातार पार्टी से अपनी दूरी के संकेत दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ मायावती ने उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। सबसे पहले बात आकाश आनंद की।

पढ़ें :- हापुड़ जातीय हिंसा में दलित युवक की मौत पर गरमाई सियासत, मायावती और चन्द्रशेखर की आयी प्रतिक्रिया

आकाश आनंद ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर अपना बायो बदल दिया है। कुछ समय पहले तक वह खुद को बसपा का नेशनल कन्वीनर यानि राष्ट्रीय संयोजक बताते थे। इसके बाद उन्होंने नेशनल कन्वीनर का पद हटाकर अपने बायो में ‘बसपा कार्यकर्ता’ लिखा था। लेकिन अब एक बार फिर बदलाव हुआ है। आकाश आनंद ने अपने बायो से ‘बसपा कार्यकर्ता’ भी हटा दिया और अब सिर्फ ‘बसपा समर्थक’ लिखा है।

आकाश आनंद का सोशल मीडिया बायो तीन दिन में दूसरी बार बदल गया है।

यानी सवाल ये है कि क्या आकाश आनंद अब बसपा में सिर्फ समर्थक की भूमिका तक सीमित रह गए हैं? खास बात ये है कि पार्टी के संगठन में हुए नए फेरबदल के बाद आकाश आनंद का नाम संगठनात्मक जिम्मेदारियों की सूची में दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य और बसपा में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब आते हैं इस पूरे मामले के दूसरे बड़े चेहरे पर।

आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद, जिन्हें ईशू के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें मायावती ने संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी है। ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है। उन्हें करीब 15 राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यानी अब ईशान इन राज्यों में बसपा की गतिविधियों पर नजर रखेंगे, संगठन की स्थिति की समीक्षा करेंगे और पार्टी के कामकाज से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करेंगे। और सबसे अहम बात, ईशान आनंद अपनी संगठनात्मक गतिविधियों की रिपोर्ट अपने पिता और बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को देंगे।

पढ़ें :- कौन हैं BJP के बड़े चेहरे दिनेश शर्मा, जिन्हें अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया? जानिए पूरा सफर

ऐसे में बसपा के भीतर परिवार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ आकाश आनंद, जिन्हें कभी मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था, उनकी भूमिका लगातार कमजोर होती नजर आ रही है। दूसरी तरफ उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना एक नए समीकरण की तरफ इशारा कर रहा है। हालांकि मायावती की राजनीति में संगठनात्मक फैसले हमेशा बेहद सोच-समझकर लिए जाते हैं।

इसलिए ईशान को मिली जिम्मेदारी को सिर्फ एक पद के तौर पर देखना भी जल्दबाजी हो सकती है। लेकिन इतना जरूर है कि बसपा के अंदर परिवार के दोनों युवा चेहरों को लेकर तस्वीर अब पहले जैसी नहीं रही। आकाश आनंद का ‘नेशनल कन्वीनर’ से ‘बसपा कार्यकर्ता’ और अब ‘बसपा समर्थक’ तक पहुंचना और इसी बीच ईशान आनंद का करीब 15 राज्यों की जिम्मेदारी संभालना इन दोनों घटनाओं ने बसपा की अंदरूनी राजनीति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...