उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत से ताल्लुक रखने वाले अनमोल जैन (साहित्यिक नाम 'अंश जैन') आज के दौर के एक बेहद प्रतिभाशाली लेखक, संकलनकर्ता और साहित्य-प्रेमी हैं। वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर (M.Com) की शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उनका हृदय हमेशा शब्दों की जादुई दुनिया में रमा रहा।
बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत से ताल्लुक रखने वाले अनमोल जैन (साहित्यिक नाम ‘अंश जैन’) आज के दौर के एक बेहद प्रतिभाशाली लेखक, संकलनकर्ता और साहित्य-प्रेमी हैं। वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर (M.Com) की शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उनका हृदय हमेशा शब्दों की जादुई दुनिया में रमा रहा। वर्ष 2020 से वे अपनी कविताओं, आलेखों और दिल को छू लेने वाली लघु कथाओं के जरिए हिंदी साहित्य को निरंतर समृद्ध कर रहे हैं।
अनमोल की रचनात्मक यात्रा अत्यंत प्रभावशाली रही है। वे अब तक 120 से अधिक साझा संकलनों (Anthologies) में सह-लेखक के रूप में अपनी कलम का जादू बिखेर चुके हैं और 30 से अधिक पुस्तकों का सफल संपादन व संकलन कर चुके हैं। उनकी एकल पुस्तक ‘सफ़र – कभी ना खत्म होने वाला’ पाठकों के बीच खासी लोकप्रिय है, जो उनकी गहरी संवेदनशीलता और रचनात्मक दृष्टि का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है। वे केवल खुद ही नहीं लिखते, बल्कि ‘Writer Connect India’ के संस्थापक के तौर पर देश भर के उभरते लेखकों को एक सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं। प्रतियोगिताओं और साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से वे नए रचनाकारों को तराशने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
साहित्य में उनके इस अनमोल योगदान के लिए उन्हें GLCP द्वारा प्रतिष्ठित ‘नेशनल हेरिटेज ऑनर अवार्ड’ से नवाजा जा चुका है। उनकी यह प्रेरणादायी साहित्यिक यात्रा गूगल पर भी दर्ज है। वे सोशल मीडिया (Instagram: @writer_anmoljain, @writer_connect_india) पर पाठकों और लेखकों से आत्मीयता से जुड़े रहते हैं। अनमोल जैन (अंश): साहित्य का एक समर्पित साधक हैं। मुझे खुद को खुद से पाने की चाहत है, हर लफ़्ज़ में अपनी रूह को आज़माने की चाहत है। कलम जब भी चले, दिलों के तार छू जाए,बस यही एक दास्तां इस जहां को सुनाने की चाहत है।