1. हिन्दी समाचार
  2. शिक्षा
  3. Nirala Vyakhya Shrinkhala : निराला से सीखिए सच कहने का साहस और सलीका : प्रो.संजय द्विवेदी

Nirala Vyakhya Shrinkhala : निराला से सीखिए सच कहने का साहस और सलीका : प्रो.संजय द्विवेदी

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के हिंदी विभाग तथा पंडित दीनदयाल शोध पीठ द्वारा महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की स्मृति में आयोजित निराला व्याख्यान श्रृंखला में आज भारतीय जनसंचार संस्थान(आईआईएमसी )के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Nirala Vyakhya Shrinkhala :  बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के हिंदी विभाग तथा पंडित दीनदयाल शोध पीठ द्वारा महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की स्मृति में आयोजित निराला व्याख्यान श्रृंखला में आज भारतीय जनसंचार संस्थान(आईआईएमसी )के पूर्व महानिदेशक प्रोफेसर संजय द्विवेदी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाकवि निराला से हमें सच कहने का साहस और सलीका सीखना चाहिए।निराला की कविताएं आशा और विश्वास को जागृत करने का कार्य करती हैं। हर साहित्यकार और पत्रकार को निराला से सीखना चाहिए। निराला ने अपनी कविता के माध्यम से राम के व्यक्तित्व को जन जन तक पहुंचाया।उन्होंने भाषा पर जोर देते हुए कहा कि भाषा में हर भावना को व्यक्त करने का सामर्थ्य है। हिंदी भाषा ने खुद को समर्थ किया है। हिंदी आज पूरे विश्व में संवाद की भाषा बनने की राह पर है। जहां जहां हिंदी भाषी रहते हैं , यह उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वह भाषा के राजदूत की तरह काम करें। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक सुंदर हिंदी विभाग है।

पढ़ें :- दिल्ली : प्राइवेट स्कूल अब तीन महीनों की एडवांस फीस अभिभावकों से नहीं वसूल सकेंगे

निराला की कविताएं आपको साहित्य से जोड़ती है – विनय कुमार सिंह
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद विश्वविद्यालय के कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि निराला की कविताएं आपको साहित्य से जोड़ती है। अधर्म पर धर्म की जीत को साहित्य में स्थापित करने का काम निराला ने किया था।

हर परिस्थिति में स्थिर कैसे रहा जाए
निराला की कविताएं व्यक्ति को अवसाद से निकलने में मदद कर सकती है। उनकी रचनाएं आशा और उम्मीद को जागृत करती हैं। निराला अपनी रचना राम की शक्ति पूजा के माध्यम से यह सिखाते हैं कि हर परिस्थिति में स्थिर कैसे रहा जाए।

निराला बहुआयामी थे – प्रोफेसर एसपी सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर एसपी सिंह ने कहा कि निराला बहुआयामी थे।  उन्होंने हर क्षेत्र में अहम योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी भाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुन्ना तिवारी तथा आभार डॉक्टर अर्चना पांडे ने किया. कार्यक्रम में डॉ. श्रीहरि त्रिपाठी, नवीन चंद्र पटेल, द्युति मालिनी, प्रेमलता श्रीवास्तव, सुधा दीक्षित, सुनीता वर्मा, पुनीत श्रीवास्तव, आकांक्षा सिंह, विजया समेत अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

पढ़ें :- Digital Content Specialist : 2032 तक मल्टीमीडिया पत्रकारों की मांग बढ़ेगी , ऑडियंस चाहती है रियल-टाइम अपडेट और इंटरएक्टिव कंटेंट 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...