ग्रेटर नोएड के सेक्टर—150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया। अब इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम पांच दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।
नोएडा। ग्रेटर नोएड के सेक्टर—150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार समेत डूबने से हुई दर्दनाक मौत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया। अब इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। यह टीम पांच दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।
इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया है। सीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया है। लोकेश एम के हटाया जाना प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
3 सदस्यीय SIT करेगी जांच, 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित इस तीन सदस्यीय एसआईटी का नेतृत्व मेरठ की मंडलायुक्त करेंगी। इस टीम में उनके साथ मेरठ जोन के एडीजी (ADG) और पीडब्ल्यूडी (PWD) के मुख्य अभियंता भी शामिल होंगे। सीएम ने कहा है कि एसआईटी अगले 5 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
ये है पूरा मामला
बीते 17 जनवरी को सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार कोहरे के कारण सेक्टर 150 में एक निर्माणाधीन साइट पर खोदे गए 20 फीट गहरे और पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवराज को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।