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अब आधार कार्ड में जन्मतिथि और नाम बदलाव के लिए ये प्रमाणपत्र हुए जरूरी, UIDAI ने बदले नियम

अब आधार कार्ड (Aadhaar Card) में जन्मतिथि और नाम बदलवाना आसान नहीं रह गया है। यूनीक आईडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के बदले नियमों से आवेदक परेशान हैं। जन्मतिथि में संशोधन के लिए जन्म प्रमाणपत्र और हाईस्कूल की मार्कशीट को आवश्यक कर दिया गया है।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। अब आधार कार्ड (Aadhaar Card) में जन्मतिथि और नाम बदलवाना आसान नहीं रह गया है। यूनीक आईडेंटिटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के बदले नियमों से आवेदक परेशान हैं। जन्मतिथि में संशोधन के लिए जन्म प्रमाणपत्र और हाईस्कूल की मार्कशीट को आवश्यक कर दिया गया है।

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वहीं, पूरा नाम बदलने पर भारत सरकार की गजट प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। 60 फीसदी संशोधन इन्हीं के हैं। अभी तक प्रधान, विधायक या किसी पीसीएस अधिकारी से प्रमाणित किए हुए पत्र के माध्यम से बदलाव हो जाता था। इसके साथ ही जन्मतिथि में संशोधन के लिए एक व नाम के संशोधन में महज दो अवसर दिए जा रहे हैं। भारत सरकार ने निजी कंपनियों ने आधार कार्ड बनाने वालों ने नाम की स्पेलिंग, पता और जन्मतिथि की फीडिंग गलत कर दी। कई ग्रामीणों के पते ही बदल दिए। जब आधार एक पहचान बना तो सरकार ने सरकारी योजनाओं से लेकर बैंक खाता, मोबाइल, पैन कार्ड इत्यादि को लिंक करा दिया। इसके बाद गड़बड़ी का पता चला। लोग आधार सेवा केंद्र में नाम और जन्मतिथि में संशोधन कराने पहुंचने लगे।

प्रधान का लेटरपैड, पड़ोसियों से पूछताछ, हलफनामा भी

बदले नियम के मुताबिक  18 वर्ष से कम उम्र की जन्मतिथि में जन्म प्रमाण पत्र और उससे ऊपर के पुरुष और महिला की जन्मतिथि बदलने के लिए हाईस्कूल की फोटो वाली मार्कशीट से संशोधन होगा।

सरकारी सेवा के लोग अपने पहचान पत्र का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन, हाईस्कूल पास न करने वाली महिलाएं व पुरुषों के संशोधन में दिक्कत है। इनके लिए जन्म प्रमाण पत्र जरूरी है। अगर जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत हो रही है तो फिर ये प्रधान के लेटर पैड के साथ पड़ोसियों से पूछताछ होगी। एक हलफनामा बनवाकर देना होगा, साथ में माता-पिता का आधार कार्ड लगाना होगा। यही नहीं किसी एमबीबीएस डॉक्टर के पर्चे में उम्र की प्रमाणिकता भी कराना जरूरी है, उसको आधार कार्यालय में जमा करते हैं तो जन्म तिथि में बदलाव हो जाएगा।

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