हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व जनरल सेक्रेटरी के पति गौरव कुमार ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर लोकसभा टिकट दिलाने के लिए 7 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया और रकम वापस करने की मांग की। इसी के चलते बुधवार को उन्होंने नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया।
Lok Sabha Ticket Controversy: नई दिल्ली में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस से जुड़े कथित टिकट विवाद को लेकर 10 जनपथ के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक, हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व जनरल सेक्रेटरी के पति गौरव कुमार ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को लोकसभा चुनाव का टिकट दिलाने के लिए कांग्रेस के कुछ नेताओं को पैसे दिए गए थे। उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पार्टी के भीतर टिकट वितरण की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
गौरव कुमार ने कहा कि,”मेरी पत्नी बावल से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए महिला कांग्रेस से टिकट मांग रही थीं। मेरी पत्नी दलित परिवार से आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क किया गया था जिसमें के.सी. वेणुगोपाल, कांग्रेस नेतृत्व और उनके सहयोगी, पीए, प्रियंका गांधी और सादफ खान को शामिल बताया।
गौरव का दावा है कि अब जब वे कथित तौर पर दी गई रकम वापस मांग रहे हैं, तो उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दिया जा रहा। उनका कहना है कि जब पैसा लेना था तो वे आधे घंटे में दस बार फोन करते थे। अब पिछले आठ महीनों से उन्हें संपर्क करने की कोशिश की है, लेकिन उनके कॉल्स का जवाब नहीं दिया। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गौरव कुमार ने बुधवार को दिल्ली स्थित 10 जनपथ के बाहर प्रदर्शन किया। सामने आई तस्वीरों में वह पुलिसकर्मियों से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे, जिनके हाथों में कांग्रेस से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताने वाले पोस्टर थे। इस दौरान गौरव कुमार ने कथित भुगतान की रकम वापस करने की मांग को लेकर आत्मदाह की धमकी भी दी।
गौरव कुमार की पत्नी हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व जनरल सेक्रेटरी रह चुकी हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के लिए लोकसभा टिकट के लिए कांग्रेस MP प्रियंका गांधी वाड्रा को 7 करोड़ रुपये दिए थे और वे पैसे वापस मांग रहे हैं।
फिलहाल, यह मामला आरोपों और प्रदर्शन तक सीमित जानकारी के आधार पर सामने आया है। कथित भुगतान, रकम के लेन-देन और संबंधित नेताओं की भूमिका की पुष्टि के लिए दस्तावेजी साक्ष्य और संबंधित पक्षों का जवाब अहम होगा।