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पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी रहा : कांग्रेस

West Asia Conflict : पश्चिम एशिया में पाक की मध्यस्थता की खबरों पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरा है। विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की निर्विवाद सैन्य सफलताओं के बावजूद, दुखद सच्चाई यह है कि उसके बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव मैनेजमेंट "मोदी सरकार के मुकाबले कहीं ज़्यादा बेहतर" रहा है।

By Abhimanyu 
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West Asia Conflict : पश्चिम एशिया में पाक की मध्यस्थता की खबरों पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरा है। विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की निर्विवाद सैन्य सफलताओं के बावजूद, दुखद सच्चाई यह है कि उसके बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव मैनेजमेंट “मोदी सरकार के मुकाबले कहीं ज़्यादा बेहतर” रहा है।

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कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि अगर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच मध्यस्थों में से एक के तौर पर पाकिस्तान के शामिल होने की खबरें सच हैं, तो यह भारत के लिए एक “बड़ा झटका” और “तिरस्कार” है। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट पर कहा, “प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की कई रिपोर्टों ने पाकिस्तान को उन मध्यस्थों में से एक बताया है, जिनका इस्तेमाल एक तरफ अमेरिका और इज़रायल तथा दूसरी तरफ ईरान के बीच किया जा रहा है।”

रमेश ने आगे कहा, “यदि ये रिपोर्टें सही हैं, तो यह भारत के लिए एक बड़ा झटका है और भारत की उपेक्षा है-और इसके लिए पूरी तरह स्वघोषित विश्वगुरु जिम्मेदार हैं। एक वर्ष से अधिक समय से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ऑपरेशन सिंदूर में हमारी निर्विवाद सैन्य सफलताओं के बावजूद, दुखद सच्चाई यह है कि उसके बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी रहा है। पाकिस्तान, जो राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक स्तर पर बेहद नाजुक स्थिति में था, उसे एक नई जिंदगी मिल गई।”

उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार और गर्मजोशी से उस व्यक्ति का आवभगत किया, जिसकी भड़काऊ और उकसाने वाली बयानबाजी ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि तैयार की थी, साथ ही फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को दो बार व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया (जिसमें एक अभूतपूर्व लंच भी शामिल था)। पाकिस्तानी प्रतिष्ठान ने राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सर्कल के साथ एक बेहद घनिष्ठ संबंध बना लिया है।”

कांग्रेस सांसद ने लिखा, “ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के बिना उकसावे वाले हवाई हमले शुरू होने से ठीक दो दिन पहले समाप्त हुई पीएम मोदी की अविवेकपूर्ण इज़रायल यात्रा, हमारे राजनीतिक इतिहास में एक बेहद विनाशकारी निर्णय के रूप में दर्ज होगी-एक ऐसा निर्णय जिसने हमें उस स्थिति से पीछे धकेल दिया, जहां हम मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते थे और निभानी भी चाहिए थी। प्रधानमंत्री की झप्पी कूटनीति की पूरी तरह पोल खुल चुकी है। देश को इसकी कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।”

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