1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. ‘फुले फिल्म’ बहुजन समाज के उस इतिहास को मान्यता देने की अच्छी पहल, जो हमारी शिक्षा की मुख्यधारा से है गायब : राहुल गांधी

‘फुले फिल्म’ बहुजन समाज के उस इतिहास को मान्यता देने की अच्छी पहल, जो हमारी शिक्षा की मुख्यधारा से है गायब : राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Lok Sabha Leader of Opposition Rahul Gandhi) बीते 15 मई को बिहार दौरे के बीच पटना  के सिटी सेंटर स्थित आइनोक्स सिनेमा हॉल में फिल्म ‘फुले’ देखी थी। हाल ही में रिलीज यह ‘बायोपिक’ फिल्म 19वीं सदी के समाज सुधारक ज्योतिराव फुले (‘Biopic’ film on 19th century social reformer Jyotirao Phule) और सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) के जीवन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि फुले फिल्म (Phule Film) देखनी चाहिए, यह बहुत अच्छी है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Lok Sabha Leader of Opposition Rahul Gandhi) बीते 15 मई को बिहार दौरे के बीच पटना  के सिटी सेंटर स्थित आइनोक्स सिनेमा हॉल में फिल्म ‘फुले’ देखी थी। हाल ही में रिलीज यह ‘बायोपिक’ फिल्म 19वीं सदी के समाज सुधारक ज्योतिराव फुले (‘Biopic’ film on 19th century social reformer Jyotirao Phule) और सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) के जीवन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि फुले फिल्म (Phule Film) देखनी चाहिए, यह बहुत अच्छी है।

पढ़ें :- Hockey Junior Asia Cup 2026 : भारत की जीत पर सीएम योगी ने दी बधाई, बोले -प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों के योगदान को बताया प्रेरणादायी

पढ़ें :- Under-18 Asia Cup : कोरिया को हराकर भारतीय युवा महिला हॉकी टीम ने जीता कांस्य

फुले फिल्म (Phule Film) को देखने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर ​लिखा कि ‘फुले’(Phule) सिर्फ़ फ़िल्म या जीवनी नहीं, बहुजन समाज के उस इतिहास को मान्यता देने की एक अच्छी पहल है, जो हमारी शिक्षा की मुख्यधारा से गायब है। उन्होंने कहा कि ऐसी फ़िल्में और बननी चाहिए जो बहुजन इतिहास और संघर्ष को सामने लाएं । उन्हें देखकर, पढ़कर और पहचानकर ही न्याय की आवाज़ और बुलंद होगी।

उनके लिए वहां हिंदी फिल्म “फुले” का विशेष शो रखा गया था। यह फिल्म समाज सुधारक ज्योतिबा फुले पर आधारित है, जिन्होंने आजादी से पहले देश में जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में महिलाओं के अधिकारों और उनके बीच साक्षरता बढ़ाने की भी जोरदार वकालत की थी।

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...