देश में बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के कारण यात्रा के पांचवें दिन बाबा बर्फानी लगभग—लगभग अंतर्ध्यान हो गए। बुधवार को पहुंचे श्रद्धालुओं को यह खबर मायूस कर दिया लेकिन उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा के धाम तक पहुंच पाना और पवित्र गुफा में सर झुकाना भी किसी सौभाग्य से कम नहीं है।
आगरा। देश में बढ़ते तापमान और बदलते मौसम के कारण यात्रा के पांचवें दिन बाबा बर्फानी लगभग—लगभग अंतर्ध्यान हो गए। बुधवार को पहुंचे श्रद्धालुओं को यह खबर मायूस कर दिया लेकिन उनकी आस्था में कोई कमी नहीं आई। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा के धाम तक पहुंच पाना और पवित्र गुफा में सर झुकाना भी किसी सौभाग्य से कम नहीं है।
आपको बता दे कि अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई थी और पांच दिनों के बाद बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए। पवित्र अमरनाथ गुफा 3880 मीटर ऊंचाई पर स्थित है और उस गुफा में हर साल बर्फ का हिमलिंग प्राकृति रूप से आकार लेता है। कमला नगर निवासी सानू गोयल बाबा बर्फानी के दर्शन नहीं कर पाने की वजह से वे कुछ देर के लिए मायुस होकर वापस आ गए और हाथ जोड़कर अगली बार समय से दर्शन करने की मनकामना मांगी। इनके अलावा अन्य लोगों ने भी अगली बार बाबा के दर्शन करने का जिक्र किया है।
2027 में 25 जून से शुरू हो सकती है यात्रा
अनुमान लगाया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक हिमलिंग जल्दी पिघल रहा है। बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार अगले साल यात्रा 25 जून से शुरू की जा सकती है। जिससे हिमलिंग सुरक्षित रहे और अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन कर सकें। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव, बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग के कारण बाबा बर्फानी अंतर्ध्यान हो गए। इस साल मई में शिवलिंग की ऊंचाई करीब सात फीट बताई गई थी। लेकिन यात्रा शुरू होने के सिर्फ पांच दिनों के अंदर ही यह करीब 90 प्रतिशत से ज्यादा पिघलकर लगभग एक फीट ही बच गया। इसके बाद मंगलवार को बाबा बर्फानी पूरी तरह से पीघल गए।