ड्राई फ्रूट्स में विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। अखरोट में सेलेनियम होता है। जो अंडो में क्रोमोसोमल डैमेज को कम करने में कारगर हो सकता है। इससे फर्टिलिटी बढ़ाने में हेल्प मिलती है।
मां बाप बनना हर कपल का सपना होता है। बच्चों से परिवार पूरा होता है। पोषक तत्वों से अंडो की गुणवत्ता बढ़ाते है। इसके अलावा स्पर्म को नुकसान होने से बचाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे फल के बारे में बताने जा रहे है जिसे अपनी डेली डायट में शामिल करके महिलाओं और पुरुष फर्टिलिटी को बढ़ा सकते है।
ड्राई फ्रूट्स में विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। अखरोट में सेलेनियम होता है। जो अंडो में क्रोमोसोमल डैमेज को कम करने में कारगर हो सकता है। इससे फर्टिलिटी बढ़ाने में हेल्प मिलती है।
यह एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों को प्रवेश करने से रोकता है और अंडों के उत्पादन में बेहतर कर सकता है। कद्दू के बीज में मौजूद जिंक और टेस्टोस्टेरोन और वीर्य के स्तर को बढ़ाने में हेल्प कर सकता है।
केला भी काफी फायदेमंद है इसमें पाये जाने वाला विटामिन बी6 अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह ओव्यूलेशन प्रोसेस में शामिल हार्मोन को नियंत्रित करके युग्मनज निर्माम में हेल्प करता है।केले में मौजूद पोटेशियम और विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
पोटोशियम और विटामिन बी6 की कमी की वजह से अंडे और शुक्राणु की गुणवत्ता खराब हो सकती है। इसलिए जल्दी प्रेगनेंसी के लिए केले को खाने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा हरे पत्ते वाले सब्जियों में फोलिक एसिड और विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है। ये दो पोषक तत्व है जो ओव्यूलेशन प्रक्रिया में हेल्प करता है। प्रेगनेंसी के दौरान मिसकैरेज और क्रोमोसोमल जैसी दिक्कतों को कम कर सकता है।