1. हिन्दी समाचार
  2. रिलेशनशिप
  3. डेंगू या मलेरिया होने पर मां अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है या नहीं

डेंगू या मलेरिया होने पर मां अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है या नहीं

प्रेगनेंसी और बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान मलेरिया से बचाव बेहद जरूरी है, क्योंकि यह मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। कई महिलाओं का सवाल होता है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के दौरान मां अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती है या नहीं, आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे है।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

प्रेगनेंसी और बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान मलेरिया से बचाव बेहद जरूरी है, क्योंकि यह मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। कई महिलाओं का सवाल होता है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के दौरान मां अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती है या नहीं, आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे है।

पढ़ें :- पिता ने प्रेमी के साथ बेटी की शादी को किया इंकार, बेटी ने प्रेमी से शादी करने के लिए अपने ही घर में करवा दी 1 करोड़ 20 लाख की डकैती

अगर मां को डेंगू है और उसकी हालत स्थिर है, तो वह बच्चे को स्तनपान करा सकती है। डेंगू का वायरस स्तन के दूध से बच्चे में नहीं पहुंचता। यदि मां की स्थिति बहुत गंभीर है, जैसे कि प्लेटलेट्स का स्तर बेहद कम हो गया हो या अत्यधिक कमजोरी हो, तो स्तनपान अस्थायी रूप रोक सकती है।

इस स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें। मलेरिया का परजीवी स्तन के दूध से नहीं फैलता, इसलिए सामान्य तौर पर स्तनपान जारी रखना सुरक्षित है। यदि मां को मलेरिया की दवा लेनी पड़ रही है, तो यह सुनिश्चित करें कि दवा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए दवा सुरक्षित हो। डॉक्टर से परामर्श जरुर लें।

मां को पर्याप्त आराम और पौष्टिक आहार की जरुरत होती है ताकि उसका शरीर स्तनपान के साथ-साथ बीमारी से भी लड़ सके। मां को हाइड्रेटेड रहना चाहिए, क्योंकि डेंगू और मलेरिया में शरीर में पानी की कमी हो सकती है। डेंगू और मलेरिया के दौरान, मां स्तनपान जारी रख सकती है, जब तक कि उसकी स्थिति अत्यधिक गंभीर न हो।

किसी भी संदेह या दवा के सेवन के दौरान, डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। जहां तक हो सकें मच्छरदानी में ही रहे। हाथ पैरों को अच्छी से ढक कर रखें ताकि मच्छर काट न सकें। मच्छर भगाने वाले क्रीम और स्प्रे का भी इस्तेमाल करें। यह सुनिश्चित करें कि वे गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित हों। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यह मच्छरों की पैदावार का मुख्य कारण होता है। कचरा और गंदगी समय पर साफ करें।

पढ़ें :- "शादी किए बिना ही उसके साथ रहने और बच्चा पैदा करने का फैसला क्यों किया": लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

डॉक्टर से सलाह लेकर मलेरिया प्रीवेंशन दवाएं (जैसे क्लोरोक्वीन या अन्य दवाएं) का सेवन करें। गर्भवती महिलाओं के लिए दवा का चयन डॉक्टर द्वारा सुरक्षित रूप से किया जाता है। यदि मलेरिया के लक्षण (जैसे बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना) महसूस हों, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

घर में मच्छर भगाने के लिए कूलर, लिक्विड रिपेलेंट और मच्छर मारने वाले स्प्रे का इस्तेमाल करें। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रतिरक्षा मजबूत रखने के लिए पोषण युक्त आहार लेना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...