1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. Qatar Ras Laffan Gas Plant : कतर के रास लाफान गैस प्लांट में बड़ा धमाका ,  54 लोग घायल और 18 लापता

Qatar Ras Laffan Gas Plant : कतर के रास लाफान गैस प्लांट में बड़ा धमाका ,  54 लोग घायल और 18 लापता

कतर के मुख्य प्राकृतिक गैस निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ा धमाका हुआ। खबरों के अनुसार,दोहा के पास रास रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी (Ras Laffan Industrial City) में उस समय बड़ा हादसा हो गया जब अचानक बरज़ान गैस सप्लाई फ़ैसिलिटी (Barzan Gas Supply Facility) में रविवार रात धमाका हुआ और आग लग गई।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Qatar Ras Laffan Gas Plant : कतर के मुख्य प्राकृतिक गैस निर्यात इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ा धमाका हुआ। खबरों के अनुसार,दोहा के पास रास  लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी (Ras Laffan Industrial City) में उस समय बड़ा हादसा हो गया जब अचानक बरज़ान गैस सप्लाई फ़ैसिलिटी (Barzan Gas Supply Facility) में रविवार रात धमाका हुआ और आग लग गई।

पढ़ें :- डायबिटीज पर नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा, सिर्फ मोटापा नहीं, कमजोर मांसपेशियां भी हैं बड़ी वजह

इस घटना में कम से कम 54 लोग घायल हो गए और 18 लोग लापता बताए जा रहे हैं। यह घटना तब हुई जब कर्मचारी कतर के अहम नैचुरल गैस एक्सपोर्ट टर्मिनल (Natural Gas Export Terminal) पर कामकाज फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे थे।

इसी इलाके में दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) हब मौजूद है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में घटनास्थल से आग का एक बड़ा गोला और घना धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

धमाका इतना बड़ा था कि आग की लपटों से रात का आसमान रोशन हो गया और इंडस्ट्रियल एरिया से धुएं का गुबार (Billowing smoke) उठता हुआ दिखाई दिया।

पढ़ें :- सोना-चांदी के औंधे मुंह गिरे दाम, जानिए आज कितना सस्ता हुआ गोल्ड?

अस प्लांट की उत्पादन क्षमता रोजाना लगभग 1.4 बिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट सेल्स गैस है। इसका उत्पादन मुख्य रूप से घरेलू बिजली उत्पादन और डिसेलिनेशन प्लांट (Desalination plant) को चलाने को लेकर होता रहा है। इससे सूखे खाड़ी देश में पानी की आपूर्ति होती है।

रास लाफान को लंबे समय से ग्लोबल लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सप्लाई की रणनीतिक रीढ़ माना जाता रहा है। इसमें काफी समय तक किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय एनर्जी मार्केट (International Energy Market) पर पड़ सकता है, खासकर एशिया और यूरोप में, जो कतर से होने वाले एक्सपोर्ट पर बहुत अधिक निर्भर हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...