लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि पहला सच तो ये है कि ये महिला आरक्षण बिल (Women's Reservation Bill) नहीं है। महिला आरक्षण बिल (Women's Reservation Bill) तो 2023 में पारित हो चुका। उन्होंने कहा कि ये बिल देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है। यह बिल एससी-एसटी और ओबीसी के खिलाफ है, उनके अधिकार छीनने का एजेंडा है।
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि पहला सच तो ये है कि ये महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) नहीं है। महिला आरक्षण बिल (Women’s Reservation Bill) तो 2023 में पारित हो चुका। उन्होंने कहा कि ये बिल देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है। यह बिल एससी-एसटी और ओबीसी के खिलाफ है, उनके अधिकार छीनने का एजेंडा है। यह सरकार डरी हुई है। ये काम असम और जम्मू कश्मीर में कर चुके हैं, अब सरकार यही पूरे देश में करना चाहती है। इस बिल का महिला सशक्तिकरण से कोई मतलब नहीं है। आप सत्ता हथियाने की कोशिश में हैं। ये बिल राष्ट्रविरोधी है। हम सरकार को ये नहीं करने देंगे। दक्षिण और उत्तर भारत के साथ भेदभाव हो रहा है। दलित और आदिवासी की भागीदारी कम हो रही है।
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 17, 2026
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने संसद में कहा कि यह मनुवाद बनाम संविधान की लड़ाई है। उन्होंने अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने चालाकी से दो बार दोहराया कि घरों में जाति नहीं होती, लेकिन असली मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा या नहीं। राहुल गांधी ने आगे कहा कि अब सरकार जो प्रयास कर रही है, वह यह है कि अगले 15 वर्षों तक जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं होगा।
संसद में बोलते हुए, लोकसभा के विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा,कि संविधान से ऊपर मनुवाद…अमित शाह जी कहते हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है। उन्होंने चालाकी दिखाने की कोशिश में दो बार दोहराया कि घरों की कोई जाति नहीं होती। मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का इस्तेमाल संसद और राज्य विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा या नहीं। और अब, आप जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह है कि जाति जनगणना का अगले 15 वर्षों के लिए प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना नहीं है।’
लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर चर्चा में राहुल गांधी ने हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि 2023 का महिला विधेयक वापस लाएं और हम इसे लागू कराने में तुरंत आपकी मदद करेंगे। राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ओबीसी समुदायों को सत्ता और प्रतिनिधित्व देने से बचने की कोशिश कर रही है, यही उसका एजेंडा है।
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा देश की राजनीति में हो रहे बदलाव से डरी हुई है, अपनी ताकत के क्षरण से भयभीत है और इसलिए भारतीय राजनीतिक नक्शे को फिर से गढ़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने यह असम और जम्मू-कश्मीर में किया और अब पूरे भारत में करने की कल्पना कर रही है, लेकिन ऐसा करने के लिए संवैधानिक संशोधन की जरूरत है।
राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी को किया याद
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपनी दादी इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा, ‘मेरे पेरेंट्स डिनर के लिए गए थे। इसी दौरान मेरी दादी मुझे साथ लेकर गईं और एक अंधेरे गार्डन में मुझे छोड़ दिया। फिर वह चली गईं। मुझे दूर से ही उनकी साड़ी दिख रही थी, लेकिन अंधेरे में मेरी तो हवा निकल गई। वह पूरा वाकया दो से तीन मिनट का ही था, लेकिन मेरे लिए तो दो घंटे के बराबर था। फिर मैंने देखा कि मेरी दादी आ रही हैं। उन्होंने पूछा कि मैं किस बात से डर रहा था? मैंने कहा कि मैं उस डॉग से डर रहा था, जिसके बारे में पता तक नहीं कि वह आकर काट लेगा। मुझे उन चीजों से भी डर लग रहा था, जो वहां थी ही नहीं। इस पर दादी ने कहा कि तुम्हें अंधेरे से या किसी अन्य चीज से डर नहीं लग रहा था। डर तो वास्तव में तुम्हारे दिमाग के अंदर था।’
राहुल ने पीएम मोदी का नाम लिए बिना जादूगर कहा
राहुल गांधी ने कहा कि ‘मैं वापस गार्डन वाली कहानी सुनाता हूं। दादी ने कहा था कि सुनो राहुल मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देखना सीखो। अंधेरा में ही असली ताकत है। यह बढ़िया पॉलिटिकल लेशन है। जो असली ताकत होती है वो छिप कर काम करती है अपने आप को दिखाती नहीं है। मैं यह इसलिए बता रहा हूं कि सभी जानते हैं एक पार्टनरशिप हमारे जादूगर और बिजनेसमैन के बीच है।’ इस पर एनडीए सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल ने कहा कि मैं पीएम का नाम नहीं ले रहा हूं। मैंने पीएम का नाम नहीं लिया। सर यह पार्टनरशिप मजबूत है, लेकिन छिपी है। जादूगर के पूरे इतिहास में यह ताकत छिपी है। जबसे वे यहां आए तब से यह चल रहा है।
यह सरकार डरी हुई है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार भी ऐसे ही डरी हुई है। यह सरकार अंधेरे में जाना ही नहीं चाहती यानी समस्याओं से बच रही है। अगर आप समाधान चाहते हैं तो समस्याओं के पार जाना होगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद के विशेष सत्र के दौरान कहा, ‘महिलाएं हमारे राष्ट्रीय कल्पना की प्रेरक शक्ति हैं। हम सभी अपनी जिंदगी में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है, प्रभावित हुए हैं और उनसे बहुत ज्ञान प्राप्त किया है।
बीजेपी के दिमाग में असमंजस है, वह सोचते हैं कि वे भारत के लोग हैं, भारत की सेना हैं
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के दिमाग में असमंजस है। वह सोचते हैं कि वे भारत के लोग हैं। भारत की सेना हैं। आप भारत के लोग नहीं हैं। आप भारत की सेना नहीं हैं। हम आपको अटैक करते हैं, सेना या लोगों को नहीं करते। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ एक डील साइन हुई। स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जब मैं सीट पर हूं, तब विधेयक पर ही चर्चा होगी। राहुल गांधी ने कहा कि हम इस बिल को पारित नहीं होने देंगे।
सरकार को सच्चाई अच्छी नहीं लगती : राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी ताकत घटने से डर रही है। इनके लिए संविधान से ऊपर मनुवाद है। सरकार को सच्चाई अच्छी नहीं लगती। बीजेपी जानती है कि यह बिल वह वास्तव में पारित नहीं करा सकती। यह घबराहट में आया रिएक्शन है। इस बिल के जरिये देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है और प्रधानमंत्री जी यह संदेश देना चाहते हैं कि वह प्रो-वीमेन हैं। मैजिशियन ऑफ बालाकोट, मैजिशियन ऑफ बालासोर, मैजिशियन ऑफ ऑपरेशन सिंदूर…। राहुल गांधी की इस बात पर संसद में जोरदार हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी ने प्रधानमंत्री बनाया है। विपक्ष के नेता को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की ओर से पीएम के लिए कहे गए शब्दों की निंदा की और कहा कि मैजिशियन कह-कहकर के ये किसी व्यक्ति का अपमान नहीं कर रहे। यह देश की जनता का अपमान कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की।