दिग्गज अभिनेता रजनीकांम ने रविवार को अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन तमाम चर्चाओं और आलोचनाओं का जवाब दिया, जो हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उनके नाम से जुड़ रही थीं। उन्होंने साफ कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और राजनीति से दूर रहने के बावजूद लगातार उन्हें विवादों में घसीटा जा रहा है...
Tamil Nadu : दिग्गज अभिनेता रजनीकांम ने रविवार को अपने घर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन तमाम चर्चाओं और आलोचनाओं का जवाब दिया, जो हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद उनके नाम से जुड़ रही थीं। उन्होंने साफ कहा कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और राजनीति से दूर रहने के बावजूद लगातार उन्हें विवादों में घसीटा जा रहा है। रजनीकांत ने कहा कि अगर वह सामने आकर अपनी बात नहीं रखते, तो लोगों को वही बातें सच लगने लगतीं जो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में फैलाई जा रही हैं।
“स्टालिन से दोस्ती राजनीति से ऊपर”
अभिनेता ने बताया कि चुनाव नतीजों के बाद वह M. K. Stalin से मिलने गए थे, जिस पर कई तरह की बातें होने लगीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दोस्ती राजनीति से कहीं ऊपर है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टालिन की हार से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर दुख हुआ था।
रजनीकांत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह ऐसे इंसान नहीं हैं जो बिना वजह किसी पर टिप्पणी करें या किसी की सफलता से परेशान हों। उन्होंने कहा कि जैसे ही नए विजय ने जीत हासिल की, उन्होंने तुरंत उन्हें शुभकामनाएं दी थीं।
“विजय ने अकेले अपनी जगह बनाई”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय को लेकर पूछे गए सवालों पर भी रजनीकांत ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि विजय ने तमिल राजनीति में अपनी पहचान खुद बनाई है और दो बड़ी पार्टियों के खिलाफ खड़े होकर जीत हासिल करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं राजनीति से काफी समय पहले दूर हो चुका हूं। ऐसे में विजय से जलन होने का सवाल ही नहीं उठता। हमारे बीच लगभग एक पीढ़ी का अंतर है। मैं उन्हें बचपन से देखता आ रहा हूं।” रजनीकांत ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर अगर कमल हासन मुख्यमंत्री बनते तो शायद तब जलन होती, लेकिन विजय को लेकर ऐसी सोच गलत है।
“लोग विजय को काम करने का समय दें”
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल न होने पर भी रजनीकांत ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह औपचारिकता निभाने के लिए बार-बार सार्वजनिक मुलाकातों में विश्वास नहीं रखते। उनके मुताबिक जनता को विजय को थोड़ा समय देना चाहिए ताकि वे बिना दबाव के काम कर सकें। उन्होंने कहा कि लोगों की नई सरकार से काफी उम्मीदें हैं और उन्हें भरोसा है कि विजय उन उम्मीदों पर खरे उतरने की कोशिश करेंगे।