1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Ram Mandir Donation Scam : सैलरी 18 हजार…जमीन खरीदी 1.5 करोड़ की तो एक ने खरीदा 40 लाख का प्लाट, गोबर के ढेर में 10 लाख रुपये देख SIT हैरान

Ram Mandir Donation Scam : सैलरी 18 हजार…जमीन खरीदी 1.5 करोड़ की तो एक ने खरीदा 40 लाख का प्लाट, गोबर के ढेर में 10 लाख रुपये देख SIT हैरान

यूपी के अयोध्या जिले के राम मंदिर (Ram Mandir) में हर दिन लाखों श्रद्धालु भगवान राम के लिए पैसे, गहने और दूसरी चीजें चढ़ाते हैं। इन बक्सों से पैसे निकालने और गिनने का काम कुछ कर्मचारियों को मिला था। अब आरोप यह है कि इन्हीं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे में से करोड़ों रुपये चुरा लिए। इसी पावन परिसर से एक ऐसा शर्मनाक खुलासे ने पूरे देश की आस्था को झकझोर कर रख दिया है।

By santosh singh 
Updated Date

अयोध्या। यूपी के अयोध्या जिले के राम मंदिर (Ram Mandir) में हर दिन लाखों श्रद्धालु भगवान राम के लिए पैसे, गहने और दूसरी चीजें चढ़ाते हैं। इन बक्सों से पैसे निकालने और गिनने का काम कुछ कर्मचारियों को मिला था। अब आरोप यह है कि इन्हीं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे में से करोड़ों रुपये चुरा लिए। इसी पावन परिसर से एक ऐसा शर्मनाक खुलासे ने पूरे देश की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। भगवान के चरणों में आने वाले इस पवित्र दान की रखवाली और गिनती करने के लिए जिन कर्मचारियों को रखा गया था, उन्हीं पर करोड़ों रुपये की चोरी करने का संगीन आरोप लगा है। इस महाघोटाले का राजफाश तब हुआ जब जांच एजेंसियों की नजर इन कर्मचारियों की अचानक बदली आलीशान जिंदगी पर पड़ी।

पढ़ें :- Ram Mandir Donation Scam : महंत कमल नयन दास, बोले- जब जांच करने वाले ही बेईमान हों तो क्या होगी निष्पक्ष जांच?

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने एक हाई-लेवल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। दूसरी तरफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मंदिर के एक कर्मचारी लवकुश मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम ने जब रुदौली के शुजागंज क्षेत्र में रहने वाले आरोपी कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि चोरों और जांच एजेंसियों से बचने के लिए कुछ रकम तो घर की अलमारी में रखी गई थी, जबकि बाकी के पैसे बाहर गोबर के ढेर में दबाकर छिपाए गए थे। हालांकि, प्रशासन ने अभी इस बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक या अंतिम बयान जारी नहीं किया है। इस मामले में एक और संदिग्ध कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों ही कर्मचारी मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गिनने और उसकी देखरेख के काम में लगे थे।

महीने की तनख्वाह 18 हजार, लेकिन खरीद डाली करोड़ों की जमीन

जांच एजेंसियों के रडार पर इन कर्मचारियों की कमाई और संपत्ति का यह अंतर सबसे पहले आया। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों की मासिक सैलरी महज 18 से 20 हजार रुपए के बीच थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इनकी माली हालत अचानक से बदल गई। जांच में सामने आया है कि एक कर्मचारी ने हाल ही में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की भारी-भरकम कीमत वाली जमीन खरीदी, जबकि दूसरे ने भी लगभग 40 लाख रुपए का एक प्लॉट अपने नाम किया। इतनी कम सैलरी में इतनी बड़ी संपत्तियां खड़ा करना ही जांच एजेंसियों के शक की सबसे बड़ी वजह बना।

पढ़ें :- अवधेश प्रसाद, बोले-‘डकैत एक घर लूटता है, यहां करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की लूटी गई आस्था’, ये भारत के इतिहास की सबसे बड़ी डकैती

बेटा निर्दोष है, जमीन गिरवी रखकर जुटाए पैसे , पिता का दावा

इस बीच, आरोपी लवकुश मिश्रा के पिता बच्चूलाल ने अपने बेटे का बचाव किया है। उन्होंने घर से 10 लाख रुपए मिलने की बात तो स्वीकार की, लेकिन बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताया। बच्चूलाल का कहना है कि फैजाबाद में जो मकान बन रहा है, उससे उनके बेटे का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मकान बनवाने के लिए उन्होंने अपनी खुद की खेती की जमीन गिरवी रखी थी, जिससे यह रकम आई है। दूसरी ओर, गांव वालों का कहना कुछ और ही है। ग्रामीणों के मुताबिक, जांच टीम में 6 लोग शामिल थे (2 पुलिस की वर्दी में और 4 सादे कपड़ों में)। गांव में यह चर्चा आम है कि राम मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से ही लवकुश के ठाट-बाट और आर्थिक स्थिति में अचानक बहुत बड़ा उछाल आया था।

मंदिर के पैसे पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा : विनय कटियार 

राम मंदिर (Ram Mandir)  के चढ़ावे में हुए इस बड़े भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि राम मंदिर (Ram Mandir)  करोड़ों हिंदुओं के संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है, इसलिए मंदिर के पैसे पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वर्तमान में जांच एजेंसियां मंदिर परिसर के भीतर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और वित्तीय खातों के रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुटी हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह खेल कितने समय से चल रहा था।

पढ़ें :- राम मंदिर दान चढ़ावा मामले की जांच करेगी SIT, 15 दिन में ​देगी अंतिम रिपोर्ट
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...