सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक और आध्यात्मिक उत्सवश्रावणी पर्व (श्रावणी उपाकर्म) है। यह पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
shravani parv 2026 : सनातन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैदिक और आध्यात्मिक उत्सवश्रावणी पर्व (श्रावणी उपाकर्म) है। यह पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह दिन केवल कर्मकांड का नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की जीत, ज्ञान की पुनर्स्थापना और दैवीय आशीर्वाद का प्रतीक है।
इस पवित्र दिन को ‘ज्ञान का पर्व’ या ‘ब्राह्म पर्व’ भी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन से वेदों के अध्ययन की शुरुआत होती थी।
आत्म-शुद्धि, ऋषि-ऋण से मुक्ति
यह पर्व मुख्य रूप से आत्म-शुद्धि, ऋषि-ऋण से मुक्ति, और ज्ञान-साधना के संकल्प का दिन है।
यज्ञोपवीत परिवर्तन
इस दिन द्विज (जनेऊधारी) लोग पुराने यज्ञोपवीत (जनेऊ) का विधिपूर्वक विसर्जन कर नया जनेऊ धारण करते हैं, जो आत्मशुद्धि और अनुशासन का प्रतीक है।
तर्पण और पूजन
नदी या पवित्र स्थल पर देवों, ऋषियों और पितरों का तर्पण तथा सप्तऋषियों का पूजन किया जाता है।