सोशल मीडिया पर रातों-रात सुर्खियां बटोरने और अपने पेज की रीच बढ़ाने का एक सनकी शॉर्टकट सिंगरौली के एक युवक को भारी पड़ गया। आरोपी ने एआई का गलत इस्तेमाल करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर की एक फर्जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तैयार की और उसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स पर वायरल कर दिया। इस फर्जी वीडियो में आरोपी न्यायालय के विरुद्ध बेहद अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी करता दिख रहा था...
सिंगरौली, मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर रातों-रात सुर्खियां बटोरने और अपने पेज की रीच बढ़ाने का एक सनकी शॉर्टकट सिंगरौली के एक युवक को भारी पड़ गया। आरोपी ने एआई का गलत इस्तेमाल करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर की एक फर्जी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तैयार की और उसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और एक्स पर वायरल कर दिया। इस फर्जी वीडियो में आरोपी न्यायालय के विरुद्ध बेहद अमर्यादित और अभद्र टिप्पणी करता दिख रहा था। मामला जब माननीय उच्च न्यायालय के संज्ञान में आया, तो कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। आरोपी की पहचान 26 वर्षीय अमित कुमार तिवारी पिता बृजेन्द्र तिवारी के रूप में हुई है, जो सिंगरौली जिले के पिपराझापी का रहने वाला है।
इस एडिटेड वीडियो में युवक ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग पर जज को सरेआम फटकारता नजर आ रहा था। उसने हद पार करते हुए वीडियो में कहा कि जज हैं तो कुछ भी करेंगे, दिमाग खराब है। इतना ही नहीं, उसने वीडियो में जज को धमकी देते हुए यहां तक कह दिया कि अगर आप गुंडागर्दी करेंगे तो मुझसे बड़ा गुंडा कोई नहीं है। आरोपी वीडियो में यह रौब झाड़ता दिखा कि मुझे ऐसा-वैसा वकील समझे हैं क्या, जितना केस तुम देखे नहीं हो न, उतने में मैं रोज अपीयर होता हूं। वीडियो के इस आक्रामक और अपमानजनक हिस्से को आरोपी ने जानबूझकर हाइलाइट किया ताकि लोग इसे सच मानकर शेयर करें।
इस फर्जी वीडियो के वायरल होते ही जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। इसके पालन में पहले जबलपुर के सिविल लाइन थाने में जीरो पर प्राथमिकी दर्ज की गई और फिर उसे आगे की विवेचना के लिए सिंगरौली के बैढ़न थाना भेजा गया। बैढ़न पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी अमित तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4), 353(2), 356(2), 319(2), 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिंगरौली एसपी षियाज के. एम. ने पुलिस टीम को तुरंत आरोपी को दबोचने के निर्देश दिए। पुलिस ने घेराबंदी कर अमित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से फर्जी वीडियो बनाने में इस्तेमाल किए गए सारे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त कर लिए। पुलिस पूछताछ में आरोपी अमित ने कुबूल किया कि उसने अपने फेसबुक पेज ‘प्रचंड प्रहार’ की रीच और फॉलोअर्स बढ़ाने के लालच में यह फर्जी वीडियो बनाया और वायरल किया था। कोर्ट की साख से खिलवाड़ करने वाले इस युवक को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है।