सिनेमा जगत के मशहूर गायक सोनू निगम वर्तमान में पिनच्ड नर्व की एक दर्दनाक हालात से गुजर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस तकलीफ के बावजूद भी संगीत के प्रति उनकी भावना कम नहीं हुई है। अपनी हेल्थ अपडेट की जानकारी देते हुए सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी बात कही है, जिसने उनके लाखों—करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया है।
नई दिल्ली। सिनेमा जगत के मशहूर गायक सोनू निगम वर्तमान में पिनच्ड नर्व की एक दर्दनाक हालात से गुजर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि इस तकलीफ के बावजूद भी संगीत के प्रति उनकी भावना कम नहीं हुई है। अपनी हेल्थ अपडेट की जानकारी देते हुए सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी बात कही है, जिसने उनके लाखों—करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया है। काफी तेज दर्द में होने के बावजूद भी उन्होंने मुंबई में होने वाले अपने लाइव कॉन्सर्ट को रद्द करने से मना कर दिया है। आइए विस्तार में समझते हैं कि आखिर क्या है यह ‘पिनच्ड नर्व’ की समस्या और इसके बारे में डॉक्टरों की क्या राय है?
दबी हुई नसों का चल रहा है इलाज
सिंगर ने वीडियो के जरिए अपने फैंस को सार्वजनिक रूप से सोसल मीडिया पर अपनी सेहत का अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि वे पिनच्ड नर्व्स की तकलीफ से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी दर्द का सामना करना पड़ रहा है। बीते एक हफ्ते से इस परेशानी का पता लगाने के लिएउनका लगातार मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है। इसके अलावा सोनू ने बताया कि उन्हें लगातार कई बार सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच करवानी पड़ी है। फिलहाल वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उन्हें काफी अधिक दवाइयां लेनी पड़ रही हैं।
क्या है ‘पिनच्ड नर्व’?
‘पिंच्ड नर्व’ (Pinched Nerve) का मतलब होता है नसों का दबना। जब शरीर की किसी नस (Nerve) पर आसपास की हड्डियों, मांसपेशियों, टेंडन या कार्टिलेज द्वारा बहुत अधिक दबाव पड़ता है, तो उसे ‘पिंच्ड नर्व’ कहा जाता है। ऐसी स्थिति मस्तिष्क और शरीर के बीच संकेतों को बाधित करती है।
सामान्य लक्षण
प्रभावित हिस्से में तीव्र या जलन वाला दर्द होना जैसे गर्दन, हाथ या पैरों में सुन्नपन या कमजोरी महसूस होना, सुई चुभने जैसा या झुनझुनी का अहसास होना। अक्सर यह समस्या गर्दन और पीठ या कमर में होती है।
बचाव और उपचार
प्रभावित हिस्से पर दबाव डालने वाली गतिविधियों से बचें। साथ ही दर्द वाले हिस्से पर गर्म या ठंडी सिंकाई करे क्योंकि ऐसा करने से राहत मिलती है। डॉक्टर की सलाह पर दर्द कम करने के लिए दवाएं ले सकते हैं। हांलाकि इसके गंभीर मामलों में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) या सर्जरी की आवश्यकता भी पड़ सकती है।