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हिमाचल के जनजातीय क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा STD, 38% लोगों ने कभी नहीं किया कंडोम का इस्तेमाल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में लगभग 20 प्रतिशत आबादी यानी हर 5वां व्यक्ति यौन संचारित रोगों (Sexually Transmitted Disease) के लक्षणों से प्रभावित है। इसका मख्य कारण है कंडोम के इस्तेमाल में भारी कमी और जागरूकता का अभाव। इसका चौंकाने वाला खुलासा चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में किए गए सर्वे में हुआ।

By Sushil Sah 
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में लगभग 20 प्रतिशत आबादी यानी हर 5वां व्यक्ति यौन संचारित रोगों (Sexually Transmitted Disease) के लक्षणों से प्रभावित है। इसका मख्य कारण है कंडोम के इस्तेमाल में भारी कमी और जागरूकता का अभाव। इसका चौंकाने वाला खुलासा चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में किए गए सर्वे में हुआ। इसका अध्ययन हिमाचल प्रदेश के जनजातीय विकास विभाग और आईजीएमसी शिमला (IGMC Shimla) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने किया था। इस अध्ययन को संयुक्त रूप से 15 से 49 वर्ष की आयु के 3,000 लोगों पर आयोजित किया गया था।

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रिपोर्ट के प्रमुख और चौंकाने वाले आंकड़े

जनजातीय क्षेत्रों के 20 प्रतिशत लोगों में कम से कम एक STD से संबंधित लक्षण देखा गया है। यहां का चंबा जिला 24.2 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद किन्नौर में 20.1 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 15.7 प्रतिशत STD के मामले पाए गए हैं। इस अध्ययन में पाया गया कि केवल 24.9 प्रतिशत लोगों ने अपने अंतिम यौन संबंध के दौरान कंडोम का उपयोग किया था, जबकि लगभग 33 प्रतिशत से अधिक लोगों ने जीवन में कभी कंडोम का इस्तेमाल ही नहीं किया। वही एचआईवी (Human Immunodeficiency Virus) और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के लिए स्क्रीनिंग दर बहुत कम पाई गई है। केवल 2 प्रतिशत प्रतिभागियों ने ही कभी इसकी जांच कराई है।

जागरूकता में अंतर

हालांकि वहां के 72 प्रतिशत लोगों ने STD के बारे में सुना है, लेकिन उनमें से केवल 46.6 प्रतिशत लोगों को ही पता है कि कि कंडोम के उपयोग से इसके संक्रमण को रोका जा सकता है। यह संक्रमण बढ़ने के मुख्य कारण है सुरक्षित यौन प्रथाओं की अनदेखी करना और कंडोम के इस्तेमाल को लेकर गंभीर लापरवाही बरतना। रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं यौन और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने या इलाज कराने में संकोच करती हैं। जनजातीय और सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तथा जागरूकता अभियानों की बहुत कम पहुंच होना। Tribal Development के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा ने कहा है कि सुदूर क्षेत्रों में इसकी समय पर जांच, उपचार और जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर काम शुरू किया जाएगा।

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