नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को कहा कि 9वीं क्लास पहले से मुश्किल है, ऐसे में तीसरी भाषा को शामिल करने की क्या जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि इससे स्टूडेंट्स का मानसिक तनाव बढ़ सकता है। केंद्र सरकार से कहिए कि ऐसा न करें। जस्टिस बीवी
