1. हिन्दी समाचार
  2. क्षेत्रीय
  3. तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची से कटा! RJD नेता बोले- मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं, मैं कैसे चुनाव लड़ूंगा?

तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची से कटा! RJD नेता बोले- मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं, मैं कैसे चुनाव लड़ूंगा?

Tejashwi Yadav's big statement on SIR: बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले राज्य में चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान जारी है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि एनडीए को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग एसआईआर की प्रक्रिया के जरिये वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काट रहा है। इस बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को दावा किया कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। अब वो चुनाव कैसे लड़ेंगे?

By Abhimanyu 
Updated Date

Tejashwi Yadav’s big statement on SIR: बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले राज्य में चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान जारी है। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि एनडीए को चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव आयोग एसआईआर की प्रक्रिया के जरिये वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से काट रहा है। इस बीच आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को दावा किया कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। अब वो चुनाव कैसे लड़ेंगे?

पढ़ें :- राहुल गांधी ने पीएम मोदी से दागा सवाल, बोले- हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है।” उन्होंने अपना वोटर लिस्ट से काटने का आरोप लगाते हुए सवाल पूछा कि अब मैं चुनाव कैसे लड़ूंगा? पूर्व डिप्टी सीएम ने यह भी दावा कियाकि उन्होंने एसआईआर के दौरान गणना प्रपत्र भी भरा था, इसके बावजूद भी नाम काटा गया है। तेजस्वी यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कल महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखी। हालाँकि, चुनाव आयोग ने हमारी शिकायतों पर एक बार भी विचार नहीं किया। ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग ने गुजरात के दो लोगों के निर्देशों के अनुसार बिहार की मतदाता सूची तैयार करने का फैसला किया है।”

पढ़ें :- राघव चड्ढा ने किताब के साथ किया पोस्ट, लिखा- अपने गुरु और वरिष्ठों के सामने अपने हुनर का इतना प्रदर्शन न करें, जिससे वह असुरक्षित महसूस करें

आरजेडी नेता ने आगे कहा, “एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही इसमें कोई पारदर्शिता नहीं रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक दलों को सूचित किए बिना ही शुरू कर दिया। विपक्ष ने समय पर सवाल उठाए। हमारा प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिला। हमारी शिकायतों और सुझावों पर ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के सुझावों को भी नज़रअंदाज़ कर दिया। हम कह रहे थे कि गरीब लोगों के नाम हटा दिए जाएँगे, लेकिन चुनाव आयोग ने कहा कि ऐसा नहीं होगा। अब यह प्रक्रिया पूरी हो गई है और राजनीतिक दलों को निर्वाचन क्षेत्रवार सूचियां दी जा रही हैं। चुनाव आयोग ने कहा था कि नाम हटाने का कारण बताया जाएगा। कल, महागठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग गया और अपनी आपत्तियां बताईं, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।”

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...