थाईलैंड की रानी चखुन सिनीनात आएंगी भारत, सोनौली के 960 थाई विहार में युद्धस्तर पर तैयारियां
पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: भारत और थाईलैंड के मैत्रीपूर्ण संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से थाईलैंड की रानी चखुन सिनीनात वांगवजीरापकडी 28 जनवरी को दो दिवसीय धार्मिक यात्रा पर भारत आ रही हैं। उनके स्वागत की तैयारियों ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 960 थाई बौद्ध विहार को उत्सव के रंग में रंग दिया है। मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है, वहीं लाइटिंग और पेंटिंग के लिए दर्जनों कारीगर दिन-रात जुटे हैं।
रानी के आगमन को देखते हुए भारतीय व थाई सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। दोनों देशों की संयुक्त सुरक्षा टीमों ने 960 थाई विहार का सघन निरीक्षण पूरा कर लिया है।
70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल साथ
रानी सिनीनात के साथ 70 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचेगा। पहली बार भारत आ रहीं रानी कुशीनगर की थाई मोनेस्ट्री में रात्रि विश्राम करेंगी।
कुशीनगर में विशेष पूजा
29 जनवरी को रानी कुशीनगर स्थित महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर में भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा पर पवित्र चीवर अर्पित करेंगी तथा विश्व शांति और भारत-थाई संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए विशेष प्रार्थना करेंगी। इसके बाद वह रामाभार स्तूप के दर्शन कर सड़क मार्ग से सोनौली आएंगी।
सोनौली में दो घंटे का भव्य कार्यक्रम
960 थाई मंदिर के मैनेजर राजेश शुक्ला ने बताया कि रानी का सोनौली में दो घंटे का विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित है। यहां पूजन-वंदन के बाद वह अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी (नेपाल) के लिए रवाना होंगी।
रानी की इस शाही यात्रा को देखते हुए सोनौली बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। पुलिस, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।