शनिवार को थलपति विजय के संभावित शपथ ग्रहण की चर्चा थी, लेकिन सरकार गठन को लेकर सहमति न बनने की वजह से कार्यक्रम टल गया। इसके बाद विजय समर्थकों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन नाम का समर्थक विजय को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहता था...
तमिलनाडु सरकार गठन : तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान अब भावनात्मक मोड़ लेती दिखाई दे रही है। टीवीके प्रमुख सी.जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री बनने में हो रही देरी से नाराज एक समर्थक ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और गंभीर रूप से झुलसे युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को थलपति विजय के संभावित शपथ ग्रहण की चर्चा थी, लेकिन सरकार गठन को लेकर सहमति न बनने की वजह से कार्यक्रम टल गया। इसके बाद विजय समर्थकों में नाराजगी और बेचैनी बढ़ती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि करीब 40 वर्षीय इसक्कियप्पन नाम का समर्थक विजय को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहता था। सरकार गठन में लगातार हो रही देरी से वह बेहद भावुक और परेशान था। इसी बीच उसने खुद को आग लगा ली। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पहले भी कर चुका है अजीब प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब इसक्कियप्पन ने विजय के समर्थन में ऐसा कदम उठाया हो। करीब चार महीने पहले भी उसने विजय के मुख्यमंत्री बनने की कामना करते हुए अपने चेहरे के आर-पार 16 फीट लंबा ‘वेल’ यानी भाला डालकर प्रदर्शन किया था। उस समय भी उसकी तस्वीरें काफी चर्चा में रही थीं।
तमिलनाडु में बढ़ते तनाव के बीच भाजपा कीं नेता तमिलिसाई सौंदराराजन ने स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में लोग नई सरकार के गठन को लेकर भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा या आत्मघाती कदम बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने विजय से अपील करते हुए कहा कि वह अपने समर्थकों के नाम तुरंत शांति का संदेश जारी करें और किसी भी खतरनाक कदम से दूर रहने की सलाह दें।
राजनीतिक तनाव के बीच वल्लियूर इलाके से भी एक और चिंताजनक खबर सामने आई। यहां एक युवक ने कथित तौर पर आत्मदाह की कोशिश की, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं एक अन्य घटना में वीसीके कार्यालय के बाहर एक युवक पर ब्लेड से हमला किए जाने की बात भी सामने आई है। इन घटनाओं के बाद तमिलनाडु की राजनीति का माहौल और ज्यादा गरमा गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।