तमिलनाडु की सियासत में कई दिनों से चल रहा सस्पेंस अब लगभग खत्म हो गया है। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व में सरकार बनने की तस्वीर साफ दिखाई देने लगी है। वीसीके ने भी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गया। वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने टीवीके के महासचिव आधव अर्जुना को समर्थन पत्र सौंपते हुए कहा कि...
तमिलनाडु राजनीती: तमिलनाडु की सियासत में कई दिनों से चल रहा सस्पेंस अब लगभग खत्म हो गया है। अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व में सरकार बनने की तस्वीर साफ दिखाई देने लगी है। वीसीके ने भी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गया। वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन ने टीवीके के महासचिव आधव अर्जुना को समर्थन पत्र सौंपते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्य में टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करेगी। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता अब आसान हो गया है।
दरअसल, विजय पिछले तीन दिनों से लगातार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे थे। शुरुआती दौर में उनके पास केवल 116 विधायकों का समर्थन था। राज्यपाल ने साफ कर दिया था कि 118 का जरूरी आंकड़ा पूरा किए बिना सरकार गठन का निमंत्रण नहीं दिया जा सकता। इसके बाद सहयोगी दलों से बातचीत तेज हो गई थी।
टीवीके को सबसे पहले कांग्रेस का साथ मिला, कांग्रेस के पास 5 विधायक है। इसके बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी समर्थन पत्र सौंप दिए दोनो दलों के पास दो—दो विधायक है। शनिवार को वीसीके के समर्थन ने पूरी तस्वीर बदल दी, वीसीके के पास भी दो विधायक है। इन सभी दलों के समर्थन से टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 119 विधायकों तक पहुंच गया है, जो बहुमत के लिए जरूरी संख्या से एक ज्यादा है।
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। टीवीके ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, लेकिन सहयोगी दलों के समर्थन ने अब विजय की सरकार के गठन का रास्ता लगभग तय कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राज्यपाल जल्द ही सरकार गठन को लेकर अगला फैसला ले सकते हैं।