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मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा अधिनियम को रद्द कर दिया…’मनरेगा बचाओ संग्राम’ को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान बोले जयराम रमेश

'मनरेगा बचाओ संग्राम' को लेकर निकाले जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान जयराम रमेश ने कहा कि, मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा अधिनियम को रद्द कर दिया। मनरेगा ऐतिहासिक और क्रांतिकारी अधिनियम था जो सितंबर 2005 को सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इस अधिनियम को बनाने में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी, सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान था।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत यात्रा निकालकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, मनरेगा योजना ने ग्रामीण भारत में रोजगार की गारंटी दी थी, गरीबों को आर्थिक मजबूती देकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया था। लेकिन…मोदी सरकार मनरेगा को खत्म करने की साजिश रच रही है, इससे महात्मा गांधी जी का नाम हटाकर, उनका अपमान करने की हिमाकत कर रही है।

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कांग्रेस की तरफ से कहा गया कि, नरेंद्र मोदी गरीबों को रोजगार का कानूनी अधिकार देने वाली इस ऐतिहासिक योजना को मिटा देना चाहते हैं। गरीबों का आत्मसम्मान छीन लेना चाहते हैं। कांग्रेस ऐसा कभी नहीं होने देगी- हम मनरेगा के लिए सड़क से संसद तक आवाज बुलंद करेंगे। आज ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यात्रा निकालकर इस अन्याय के खिलाफ हुंकार भरी।

‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ को लेकर निकाले जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान जयराम रमेश ने कहा कि, मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा अधिनियम को रद्द कर दिया। मनरेगा ऐतिहासिक और क्रांतिकारी अधिनियम था जो सितंबर 2005 को सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इस अधिनियम को बनाने में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी, सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान था।

जयराम रमेश ने आगे कहा, मनरेगा कानून संवैधानिक हक था, लोगों के पास रोजगार की कानूनी गारंटी थी। इस कानून से पंचायतें मजबूत हुईं। हर परिवार को पहली बार DBT के माध्यम से पैसा पहुंचाया गया। लेकिन ये कानून रद्द कर दिया गया, क्योंकि नरेंद्र मोदी नहीं चाहते हैं कि महात्मा गांधी जी से जुड़ा हुआ ये कानून ज्यादा समय तक चले। वो नहीं चाहते हैं कि लोगों को उनका हक मिले।

 

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