मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश में मौसम का सटीक पूर्वानुमान उपलब्ध कराने और अन्नदाता किसानों को समय पर जानकारी प्रदान करने के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी एवं आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जाएंगे। इससे मौसम संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा किसानों और नागरिकों को आकाशीय बिजली सहित संभावित आपदाओं के प्रति पूर्व चेतावनी देकर उनके बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत सहायता राशि वितरण की। इस दौरान उन्होंने कहा, कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का वर्ष 2026–27 का बजट पारित हुआ है। इस बजट का सार यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, अन्नदाता किसानों और गरीबों के कल्याण हेतु अनेक योजनाओं की घोषणा इस व्यापक बजट के माध्यम से की गई है।
उन्होंने कहा, जब बजट लागू होता है, तो लाभार्थियों को उसका लाभ सीधे उनके खाते में कैसे प्राप्त होता है, इसका उदाहरण आज का यह समारोह प्रस्तुत कर रहा है। एक ही झटके में ₹460 करोड़ की राशि अन्नदाता किसानों के खातों में सीधे पहुंच रही है। इसमें किसी बिचौलिये या मध्यस्थ की कोई आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सभी अन्नदाता किसानों के लिए एक मजबूत संबल है। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में उपस्थित 2 लाख 51 हजार किसान परिवारों को मैं हृदय से बधाई देता हूं।
साथ ही कहा, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत आज 3,500 परिवारों को ₹175 करोड़ 67 लाख की धनराशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। इस अवसर पर मैं प्रभावित सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें आश्वस्त करता हूं कि सरकार सदैव उनके साथ है और हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। आज प्रदेश भर के 2 लाख 51 हजार किसान परिवारों को, जिनकी फसल अतिवृष्टि या सूखे के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹285 करोड़ की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई है।
अन्नदाताओं की सुरक्षा और सम्मान, समृद्ध उत्तर प्रदेश की पहचान…
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज लखनऊ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2.51 लाख अन्नदाता किसानों को क्षतिपूर्ति राशि एवं मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता राशि वितरण कार्यक्रम में… pic.twitter.com/QkyKVLe1UO
पढ़ें :- अखिलेश यादव की राजनीति ने बार-बार गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिखाया, तुष्टिकरण के वोट बैंक की राजनीति करना बन गई है उनकी पहचान: केशव मौर्य
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) February 21, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, प्रदेश में आपदा प्रबंधन के अंतर्गत ‘First Responder’ आपदा मित्र के रूप में कार्य करता है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देश में ‘आपदा मित्र’ के रूप में एक महत्वपूर्ण अभियान प्रारंभ किया है और यह बताते हुए प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश ने इस पहल को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। प्रदेश के 25 जनपदों में NCC, NSS, NYKS तथा Bharat Scout and Guide से जुड़े 29,772 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित कर आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन सभी स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी जोड़ा गया है तथा उन्हें Emergency Responder Kit उपलब्ध कराई गई है।
वर्ष 2025–26 में राज्य आपदा मोचक निधि में ₹876 करोड़ आवंटित किए गए हैं। फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को ₹260 करोड़ की कृषि निवेश अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है। जनहानि के 5,398 पीड़ितों को ₹216 करोड़ तथा मकान क्षति से प्रभावित 27,448 परिवारों को ₹24 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही कहा, प्रदेश में वर्तमान में 45,000 होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। हम लोगों ने तय किया है कि इस भर्ती में जो ‘आपदा मित्र’ हैं, उनको प्राथमिकता देंगे।
उन्होंने आगे कहा, प्रदेश सरकार ने समस्त प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों (‘आपदा मित्र’) के लिए तीन वर्ष की अवधि का जीवन एवं चिकित्सा बीमा प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 10 फरवरी को National Insurance Company के साथ National Disaster Management Authority के माध्यम से MoU हस्ताक्षरित किया गया है। इसके अंतर्गत ‘आपदा मित्र’ स्वयंसेवकों को ₹5 लाख तक का जीवन बीमा सुरक्षा कवर प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश में मौसम का सटीक पूर्वानुमान उपलब्ध कराने और अन्नदाता किसानों को समय पर जानकारी प्रदान करने के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी एवं आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जाएंगे। इससे मौसम संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा किसानों और नागरिकों को आकाशीय बिजली सहित संभावित आपदाओं के प्रति पूर्व चेतावनी देकर उनके बचाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।