भारत में कई नदियों की तो लोग पूजा-अर्चना और आरती तक करते हैं। यहां कई नदियों को आस्था का प्रतीक भी माना गया है। इसके साथ ही नदियों को जीवनदायिनी भी कहा जाता है। अकेले भारत में ही छोटी-बड़ी मिलाकर सैकड़ों नदियां बहती हैं। भारत में नदियों की बात करे हैं, तो लोग गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू, बह्मपुत्र जैसी ही नदियों का ही नाम लेते हैं।
नई दिल्ली। भारत में कई नदियों की तो लोग पूजा-अर्चना और आरती तक करते हैं। यहां कई नदियों को आस्था का प्रतीक भी माना गया है। इसके साथ ही नदियों को जीवनदायिनी भी कहा जाता है। अकेले भारत में ही छोटी-बड़ी मिलाकर सैकड़ों नदियां बहती हैं। भारत में नदियों की बात करे हैं, तो लोग गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू, बह्मपुत्र जैसी ही नदियों का ही नाम लेते हैं।
श्रापित नदियां
इसके अलावा कुछ नदियां ऐसी भी हैं, जिनके बारे में लोग बात तक नहीं करना चाहते हैं। क्योंकि पौराणिक कथाओं और कहानियों के अनुसार, उन नदियों को श्रापित माना गया है। लेकिन, हम जिस नदी के बारे में बताने जा रहे हैं, उसे दुनिया की सबसे जहरीली नदी कहा गया है। ये बात सुनकर आप भी जरूर एक पल के लिए चौंक गए होंगे। लेकिन, सच जानकर दंग रह जाएंगे।
सिटारम नदी
दुनिया की सबसे जहरीली नदी सिटारम नदी (Citarum River) को कहा गया है, जो इंडोनेशिया (Indonesia) के पश्चिम जावा (West Java) में स्थित है। यह नदी करीब 297 किलोमीटर लंबी है। दिखने में यह नदी काफी खूबसूरत है, लेकिन इसके अंदर केवल ‘जहर’ है। मतलब ये है कि इस नदी में प्रति दिन 2,000 कपड़ा कारखानों का रासायनिक कचरा बिना किसी फिल्टर के बहाया जाता है। साथ ही प्रतिदिन 35.5 टन मानव मल सीधे इसमें डाला जाता है।
मछलियां भी हो चुकी हैं विलुप्त
यही कारण है कि इस नदी को सबसे जहरीली और दुनिया की सबसे प्रदूषित नदी कहा गया है। आलम ये है कि इस नदी से मछलियां भी विलुप्त हो चुकी हैं। ऐसे में इंसान की क्या हालत होगी आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं।