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यूपी का सो रहा है स्वास्थ्य सिस्टम ! झोलाछाप डॉक्टर ने पथरी इलाज के बहाने युवक की निकाल ली किडनी,पुलिस तक पहुंची शिकायत

यूपी (UP) के कुशीनगर जिले (Kushinagar District) से स्वास्थ्य विभाग (Health Department) का इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। पेट दर्द की मामूली शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा युवक अस्पताल माफिया का शिकार हो गया। झोलाछाप डॉक्टरों ने पथरी का बहाना बनाकर युवक की पूरी किडनी निकाल डाली।

By santosh singh 
Updated Date

कुशीनगर। यूपी (UP) के कुशीनगर जिले (Kushinagar District) से स्वास्थ्य विभाग (Health Department) का इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। पेट दर्द की मामूली शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा युवक अस्पताल माफिया का शिकार हो गया। झोलाछाप डॉक्टरों ने पथरी का बहाना बनाकर युवक की पूरी किडनी निकाल डाली। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की है।

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थानाध्यक्ष दीपक सिंह ने अस्पताल में दबिश देकर जांच शुरू की

बता दें कि अलाउद्दीन (35), ग्राम रामपुर खुर्द, थाना नेबुआ नौरंगिया का रहने वाला 14 अप्रैल को पेट दर्द की शिकायत लेकर वह कोटवा स्थित न्यू लाइफ केयर अस्पताल (New Life Care Hospital located in Kotwa) पहुंचा था। यहां संचालक इमामुद्दीन और तार मोहम्मद ने अलाउद्दीन को 17 मिमी की पथरी का हवाला देकर तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी और भर्ती कर लिया और ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के कुछ दिन बाद तबीयत बिगड़ने लगी। पेशाब में खून आने और कमजोरी बढ़ने पर उसे पीजीआई लखनऊ रेफर (Referred to PGI Lucknow) किया गया, जहां हकीकत सामने आई कि बाईं किडनी निकाल दी गई। जिसके बाद अलाउद्दीन ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर सीओ खड्डा बसंत कुमार सिंह (CO Khadda Basant Kumar Singh) व थानाध्यक्ष दीपक सिंह (Police Station Head Deepak Singh) ने अस्पताल में दबिश देकर जांच शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर

इस बारे में प्रभारी सीएमओ डॉ. बृजनंदन (In-charge CMO Dr. Brijnandan) से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। सवाल ये है कि फिर इन झोलाछाप डॉक्टरों को किसके संरक्षण में ऑपरेशन करने की छूट मिली थी। स्थानीय लोगों ने बताया ​कि ये अस्पताल ‘मौत का अड्डा’ बन चुका है, जहां बिना लाइसेंस, बिना डिग्री के फर्जी डॉक्टर खुलेआम मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या किसी की किडनी यूं ही निकाल ली जाएगी और प्रशासन सोता रहेगा? क्या ऐसे अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी है? आखिर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कब होगी कार्रवाई? वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है की अस्पताल को तत्काल सील कर दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के जिम्मेदार अफसरों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।

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