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अंकिता भंडारी मामले की जांच CBI को सौंपी गई है या नहीं…उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष ने उठाया सवाल

उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज दिल्ली में अंकिता भंडारी केस में प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे अंकिता भंडारी मामले की दोबारा जांच करवा सकते हैं, बशर्ते अंकिता के माता-पिता इस मामले में अपनी राय दें।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आज दिल्ली में अंकिता भंडारी केस में प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे अंकिता भंडारी मामले की दोबारा जांच करवा सकते हैं, बशर्ते अंकिता के माता-पिता इस मामले में अपनी राय दें। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मैं अंकिता भंडारी के माता-पिता से जाकर मिलूंगा और पूछूंगा कि वे क्या चाहते हैं? अंकिता भंडारी के माता-पिता ने लिखित रूप में मांग कि, अंकिता के हत्यारों को सजा मिले- फांसी हो, इस केस में जो VIP शामिल है, उसे भी सजा मिले और जांच CBI के द्वारा, किसी सिटिंग जज की निगरानी में हो।

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उन्होंने आगे कहा, इसके बाद CM ने ये ऐलान किया कि हम अंकिता भंडारी केस की CBI जांच करवाएंगे, लेकिन इस दौरान एक घटना घटी। ये स्वाभाविक था कि पीड़ित पक्ष यानी कि अंकिता के माता-पिता के प्रार्थना पत्र को आधार बनाकार CBI जांच करवाई जानी थी। लेकिन CBI जांच से पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा FIR दर्ज किया गया और फिर उस FIR के आधार पर CBI जांच की बात की गई। इसलिए फिर ये संदेह पैदा हो चुका है कि उत्तराखंड की BJP सरकार और CM पुष्कर सिंह धामी अंकिता भंडारी हत्याकांड में कुछ तिकड़म भिड़ा रहे हैं।

गणेश गोदियाल ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के ऐलान को 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि अंकिता भंडारी मामले की जांच CBI को सौंपी गई है या नहीं। इस बारे में कोई भी नोटिफिकेशन अभी तक पब्लिक डोमेन में नहीं आया है। मैंने इस विषय पर देहरादून में भी कई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवाल पूछे, लेकिन जवाब नहीं मिले

हम ये भी जानना चाहते हैं कि अगर CBI को प्रतिवेदन भेजा गया है तो उसमें टर्म ऑफ रेफेरेंस क्या है? हमें ये जानकारी मिल रही है कि सरकार इस मामले में एक ‘Hypothetical situation’ यानी काल्पनिक स्थिति पर जांच करवाना चाहती है। अब इस मामले में काल्पनिक स्थिति ये है कि क्या कोई VIP शामिल था! जबकि ये कोई कल्पना नहीं है, बल्कि ये सच है कि एक VIP को सर्विस देने से मना करने पर एक लड़की की जान गई है। जब हमने इस कल्पना पर सवाल उठाया तो सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए और अबतक CBI की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।

 

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