ओडिशा के जंगलों से पांच वनमानुष (Orangutans) बचाए गए हैं। उन्हें सुरक्षित रूप से भुवनेश्वर के नंदनकानन चिड़ियाघर (Nandankanan Zoological Park) लाया गया है। चिड़ियाघर पहुंचने के बाद सभी ओरंगुटानों को फिलहाल क्वारंटीन में रखा गया है। वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन उनकी निगरानी कर रहा है।
भुवनेश्वर। ओडिशा के जंगलों से पांच वनमानुष (Orangutans) बचाए गए हैं। उन्हें सुरक्षित रूप से भुवनेश्वर के नंदनकानन चिड़ियाघर (Nandankanan Zoological Park) लाया गया है। चिड़ियाघर पहुंचने के बाद सभी ओरंगुटानों को फिलहाल क्वारंटीन में रखा गया है। वन विभाग और चिड़ियाघर प्रशासन उनकी निगरानी कर रहा है।
स्वास्थ्य जांच के बाद आगे की प्रक्रिया
अधिकारियों के मुताबिक, नए स्थान पर लाए जाने के बाद वनमानुषों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। क्वारंटीन के दौरान उनके व्यवहार, खान-पान और स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। इसका उद्देश्य किसी संभावित संक्रमण को दूसरे वन्यजीवों तक पहुंचने से रोकना है।
🚨 ओडिशा के बालासोर में बड़ा रहस्य!
रनाकाथा संरक्षित वन क्षेत्र में एक साल से कम उम्र के 5 शिशु ऑरंगुटान—2 मादा और 3 नर—मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि ऑरंगुटान इस इलाके के प्राकृतिक जीव नहीं हैं।
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वन विभाग के अनुसार इनके प्राकृतिक आवास उष्णकटिबंधीय वर्षावन हैं, इसलिए इनके यहां… pic.twitter.com/glkcg3lVZm
— Oc updates (@ocjain4) September 9, 2026
ओडिशा के जंगल में कैसे पहुंचे, इसकी जांच शुरू
इन पांचों ओरंगुटानों का ओडिशा के जंगल में पहुंचना भी अपने आप में बड़ा सवाल है, क्योंकि ओरंगुटान भारत की प्राकृतिक वन्यजीव प्रजाति नहीं हैं। ये मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया के वर्षावनों में पाए जाते हैं। ऐसे में वन विभाग इनके जंगल में पहुंचने के स्रोत और परिस्थितियों की भी जांच कर सकता है।
फिलहाल सभी पांचों वनमानुषों को विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। क्वारंटीन अवधि पूरी होने और स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद ही उनके भविष्य को लेकर फैसला लिया जाएगा।