निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की आजकल लोगों में होड़ मची हुई है। इसके बीच चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग (Chitrakoot DM Pulkit Garg) ने अपनी बेटी सिया (Daughter Siya) का दाखिला आंगनबाड़ी केन्द्र में कराकर लोगों के सामने एक मिसाल पेश की। उनका यह प्रेरणादायक कदम समाज को नई दिशा देगा।
चित्रकूट। निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की आजकल लोगों में होड़ मची हुई है। इसके बीच चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग (Chitrakoot DM Pulkit Garg) ने अपनी बेटी सिया (Daughter Siya) का दाखिला आंगनबाड़ी केन्द्र में कराकर लोगों के सामने एक मिसाल पेश की। उनका यह प्रेरणादायक कदम समाज को नई दिशा देगा। उन्होंने अपनी बेटी सिया (Daughter Siya) का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर यह साबित कर दिया कि सरकारी संस्थान किसी भी मायने में कम नहीं हैं। डीएम पुलकित गर्ग (DM Pulkit Garg) अपनी तीन वर्षीय बेटी सिया और पत्नी को लेकर मुख्यालय कर्वी स्थित धनुष चौराहे के पास कंपोजिट विद्यालय के आंगनबाड़ी केन्द्र (Anganwadi Center Composite School) पहुंचे। उन्होंने बेटी सिया (Daughter Siya) का आंगनबाड़ी केन्द्र (Anganwadi Center) में दाखिला कराया। शनिवार को सिया अन्य बच्चों के साथ काफी खुश नजर आई।
IAS पुलकित गर्ग #Chitrakut के DM है. इन्होने सरकारी आंगनबाड़ी केन्द्र में अपने बिटिया सिया का एडमीशन कराया है. सिया यहां मजे से बचपन के करतब सीख रही है.
DM साहब के इस कदम से सरकारी योजना को लेकर जनता का विश्वास बढ़ेगा pic.twitter.com/ovPD1f08kA
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) February 1, 2026
चित्रकूट में, डीएम पुलकित गर्ग ने अपनी बेटी सिया का दाखिला आंगनबाड़ी केंद्र में कर सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को साबित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों में संसाधनों की कमी नहीं है और लोगों को दिखावे की दौड़ से बाहर निकलकर सरकारी योजनाओं पर भरोसा करना चाहिए। वह बच्चों के साथ खेलती भी रही। केन्द्र में भी उसका अच्छी तरह से ध्यान रखा गया। डीएम पुलकित गर्ग ने कहा कि परिषदीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में संसाधनों की कोई कमी नहीं है और शैक्षिक गुणवत्ता भी संतोषजनक है। उन्होंने अपील की कि लोग दिखावे की दौड़ से बाहर निकलें और सरकारी योजनाओं पर भरोसा करें। अपने बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कराएं। बता दें कि इससे पहले मऊ के तत्कालीन उपजिलाधिकारी सौरभ यादव भी अपनी बेटी का दाखिला प्राथमिक विद्यालय छिवलहा में कराकर सरकारी शिक्षा पर भरोसा जता चुके हैं।