सोशल मीडिया पर इस समय पॉडकॉस्ट काफी ट्रेडिंग बना हुआ है, जिसमें अक्सर देखा जाता है कि सेलेब्स और अन्य लोग पॉडकॉस्ट में आकर अक्सर ऐसी बाते करते हैं। जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। तो वहीं भारत के कई फेमस पॉडकॉस्टर में से एक शुभांकर मिश्रा ने हाल ही में उन्होंने डॉ. सीमा आनंद (Dr Seema Anand) को बुलाया है।
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इस समय पॉडकॉस्ट काफी ट्रेडिंग बना हुआ है, जिसमें अक्सर देखा जाता है कि सेलेब्स और अन्य लोग पॉडकॉस्ट में आकर अक्सर ऐसी बाते करते हैं। जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। तो वहीं भारत के कई फेमस पॉडकॉस्टर में से एक शुभांकर मिश्रा ने हाल ही में उन्होंने डॉ. सीमा आनंद (Dr Seema Anand) को बुलाया है। डॉ. सीमा आनंद (Dr Seema Anand) ने इस पॉडकॉस्ट में कुछ ऐसी बाते की हैं। जिसकी वजह से वो सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल हो रही हैं। चलिए जानते हैं कौन हैं डॉ. सीमा आनंद (Dr Seema Anand) और उन्होंने ऐसा क्या कहा है जिसकी वजह से वो ट्रोल हो रही हैं?
शादी का मतलब सिर्फ़ और सिर्फ़ “प्लेजर” है, अगर लोगों को चुम्बन न मिले तो उनका जीना ही बेकार है
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि मुझे नहीं पता यह मोहतरमा कौन है मगर इनकी बातें सुनकर आपको लगेगा कि दुनिया की सबसे बड़ी समस्या -ग़रीबी ,बेरोज़गारी व युद्ध जैसी समस्याएं नहीं बल्कि “चरमसुख” न मिल पाना है। इनके अनुसार इस दुनिया का मुख्य उद्देश्य “प्लेजर” है। शादी का मतलब सिर्फ़ और सिर्फ़ “प्लेजर” है। अगर लोगों को चुम्बन न मिले तो उनका जीना ही बेकार है। अगर देखा जाए तो इनके अनुसार एक व्यक्ति के पूरे जीवन का उद्देश्य ही संभोग क्रिया करना है।
मुझे नहीं पता यह मोहतरमा कौन है मगर इनकी बातें सुनकर आपको लगेगा कि दुनिया की सबसे बड़ी समस्या
ग़रीबी
बेरोज़गारी
युद्धपढ़ें :- बिहार की ज्वैलरी शॉप में बुर्का-हिजाब, हेलमेट वालों की 'नो एंट्री', सूबे का सियासी पारा चढ़ा
जैसी समस्याएं नहीं बल्कि "चरमसुख" न मिल पाना है😂😂
इनके अनुसार,
इस दुनिया का मुख्य उद्देश्य "प्लेजर" है
शादी का मतलब सिर्फ़ और सिर्फ़ "प्लेजर" है
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उन्होंने कहा कि प्यार और झुकाव कब और किससे हो जाए, इस बात का अंदाजा लगाना बड़ा मुश्किल है? अक्सर ऐसा होता है कि लड़के अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों पर फिदा हो जाते हैं। इसके कारण कुछ लोग हैरान होते हैं, कई सवाल उठाते हैं और तरह-तरह की धारणाएं बना लेते हैं, लेकिन क्या वाकई यह सिर्फ उम्र का मामला है? इस टॉपिक पर एक पॉडकास्ट के दौरान जानी-मानी स्टोरी टेलर, माइथोलॉजिस्ट और सेक्स एजुकेटर सीमा आनंद ने बड़े आसान तरीके से समझाया है, चलिए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों होता है?
सीमा आनंद ने पॉडकास्ट में एक किस्सा भी शेयर कर सबका ध्यान खींच लिया है। उन्होंने बताया कि पिछले साल एक 15 साल के लड़के ने उन्हें अप्रोच किया था, जबकि उस उनकी उम्र 63 साल है। चार गुना उम्र का अंतर, लेकिन लड़के का आत्मविश्वास ऐसा कि सीमा खुद हैरान रह गईं। यहीं से सवाल उठा कि आखिर ऐसा क्यों होता है? इसी सवाल का जवाब उन्होंने इस बातचीत में दिया है। उनका ये वीडियो सोश मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। तो वहीं सीमा आनंद इस समय सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल हो रही हैं।
लड़के बड़ी लड़कियों पर क्यों फ़िदा होते हैं?
सीमा आनंद ने बताया कि इस तरह के अट्रैक्शन को सिर्फ उम्र के चश्मे से देखना सबसे बड़ी गलतफहमी है। वह एक कहानी की तरह समझाती हैं कि कई बार लड़कों को खुद ही लगता है कि वे अपनी उम्र से कहीं ज़्यादा समझदार हैं। उन्हें ऐसे रिश्ते नहीं चाहिए होते जो सिर्फ दिखावे तक सीमित हों। ऐसे में उनकी नजर उन महिलाओं पर टिक जाती है जो बातें समझती हों, बिना कहे इमोशन्स पकड़ लेती हों और हर बात को सतह पर नहीं ले जाती हों। यह खिंचाव चेहरे या उम्र का नहीं होता, बल्कि दिमाग और सोच का होता है। एक्सपीरियंस से आई समझदारी, बातचीत में ठहराव और इमोशनल डेप्थ- यही वजह है कि कई लड़के बड़ी उम्र की महिलाओं की ओर खुद-ब-खुद खिंचते चले जाते हैं।
कॉन्फिडेंस और समझदारी का कनेक्शन
बड़ी उम्र की महिलाओं के भीतर एक ठहरा हुआ आत्मविश्वास होता है। उन्हें हर वक्त खुद को सही साबित करने या किसी से आगे निकलने की जल्दी नहीं होती। न छोटी-छोटी बातों पर हंगामा, न बेवजह का ड्रामा। यही सादगी और ठहराव कई लड़कों को सुकून देता है। उन्हें महसूस होता है कि यहां बातें शांति से सुनी जाएंगी, समझी जाएंगी और बिना जज किए अपनाई जाएंगी. ऐसे रिश्तों में उन्हें इमोशनल सपोर्ट और मेंटल बैलेंस दिखता है, और यही वजह है कि उनका मन बड़ी उम्र की महिलाओं पर आ जाता है।
समाज भी निभाता है बड़ा रोल
पॉडकास्ट में बात करते हुए सीमा ने बताया कि किसी का किसकी तरफ आकर्षित होना सिर्फ निजी मामला नहीं होता, उस पर आसपास का माहौल भी असर डालता है। पश्चिमी देशों में उम्र के फर्क को लेकर लोग ज्यादा सवाल नहीं उठाते, वहां इसे आम बात माना जाता है। लेकिन भारत में हालात अलग हैं। यहां जैसे ही उम्र का फासला दिखता है, लोग बातें बनाने लगते हैं, शक की नजर से देखने लगते हैं। यही वजह है कि ऐसे रिश्ते अक्सर चुपचाप नहीं चल पाते, बल्कि चर्चा और बहस का विषय बन जाते हैं। सीमा के मुताबिक, समाज की यही सोच कई बार रिश्तों को समझने के बजाय उन्हें विवाद में बदल देती है।
जानें कौन हैं सीमा आनंद?
बता दे कि सीमा आनंद (Seema Anand) ने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के मंसूरी स्कूल से की, बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री दिल्ली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय बीएचयू की,बाद में पी एच डी कोलकाता के इंडियन बोर्ड ऑफ वेरियस ड्रग्स कॉलेज से की। महिलाओं की कथा में विशेषज्ञता, लंदन, यूके में नैरेटिव प्रैक्टिस मैं अपना समय दिया। सीमा आनंद, जो एक लेखिका, पौराणिक कथाकार, कहानीकार, यौन स्वास्थ्य शिक्षिका और हाल ही में एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं, इन मिथकों को तोड़ने के मिशन पर हैं। सीमा एक युवा पीढ़ी की दुनिया में एक उम्रदराज व्यक्ति हैं। लेकिन डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स की दुनिया का हिस्सा बनने का मूल उद्देश्य ही यौन विषयों पर विभिन्न पीढ़ियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना रहा है।
सीमा आनंद के निजी जीवन के बारे में कोई विशेष जानकारी उपलब्ध नहीं है। ये भी नहीं पता है की सीमा आनंद के पति (Seema Anand Husband) का नाम क्या है। 63 साल की डॉ. सीमा आनंद (Dr Seema Anand) 3 बच्चों की मां है जो लंदन, के यूके शहर में रहती है।