Richa Ghosha's name missing from voter list : पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर काफी बवाल हुआ है। राज्य की सीएम ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी इसमें वोटर्स के नाम काटे जाने का आरोप लगाती रही है। इस बीच, भारत की वर्ल्ड चैंपियन विकेट कीपर बल्लेबाज ऋचा घोष का नाम वोटर लिस्ट से गायब बताया जा रहा है। जिसको लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जिसको लेकर टीएमसी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।
Richa Ghosha’s name missing from voter list : पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर काफी बवाल हुआ है। राज्य की सीएम ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी इसमें वोटर्स के नाम काटे जाने का आरोप लगाती रही है। इस बीच, भारत की वर्ल्ड चैंपियन विकेट कीपर बल्लेबाज ऋचा घोष का नाम वोटर लिस्ट से गायब बताया जा रहा है। जिसको लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जिसको लेकर टीएमसी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।
सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने एक्स पोस्ट में कहा, ‘भाजपा (@BJP4India) और भारत चुनाव आयोग (@ECISVEEP) की मूक अदृश्य हेराफेरी का मज़ाक बेवकूफी की नई हद तक पहुँच गया है। ऋचा घोष जैसी वर्ल्ड कप जीतने वाली स्टार, बंगाल की शान, भारत की हीरो, विकेटकीपर-बैटर जिसने नीली जर्सी पहनी और देश का नाम रोशन किया, उसे अब फाइनल वोटर लिस्ट में “अंडर जजमेंट” कर दिया गया है। वह, जिसने विदेशों में भारत को शानदार तरीके से रिप्रेजेंट किया है और हर बंगाली की तारीफ़ कमाई है, उसे इस बेइज्ज़ती भरी जांच को सहने के लिए मजबूर किया जा रहा है, उसका नाम फ्लैग किया जा रहा है, उसके वोटर स्टेटस पर सवाल उठाए जा रहे हैं, इस वोटर सफ़ाई में उसके डेमोक्रेटिक अधिकार को एक धागे से लटकाया जा रहा है।’
The farce of @BJP4India and @ECISVEEP's Silent Invisible Rigging reaches new lows of absurdity.
A World Cup-winning star like Richa Ghosh, Bengal's pride, India's hero, the wicketkeeper-batter who donned the blue jersey and brought glory to the nation, has now been placed “under… pic.twitter.com/jVi4P80gtE
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 1, 2026
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टीएमसी ने आगे कहा, ‘जब सेलिब्रिटी और नेशनल आइकॉन को भी मनमाने ढंग से टारगेट किया जा सकता है, उनसे सवाल किए जा सकते हैं, और इस अपमानजनक प्रोसेस का शिकार बनाया जा सकता है, तो आम बंगाली वोटर के लिए क्या उम्मीद है? यह सिस्टमैटिक बेइज्ज़ती है जिसे वोटरशिप से वंचित करने, चुप कराने, एक-एक नाम करके बंगाल की आवाज़ को मिटाने के लिए बनाया गया है।’