कानपुर में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफिला एक युवती ने रुकवाया… अपनी नौकरी की समस्या बताई और बातचीत के दौरान अपने कान की बाली तक अखिलेश यादव को देने की पेशकश कर दी।
Kanpur Viral Video: नौकरी की आस में सालों से इंतजार कर रही एक BTC पास छात्रा ने कानपुर में अखिलेश यादव का काफिला रुकवाया और अपनी परेशानी बताई। लेकिन बातचीत के दौरान महिला ने जो किया, उसने सभी का ध्यान खींच लिया। महिला ने अपने कान की बाली उतारकर अखिलेश यादव को देने की पेशकश कर दी।
दरअसल ये महिला हैं सपना यादव, जो कानपुर के बिल्हौर इलाके की रहने वाली बताई जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सपना ने साल 2018 में BTC की ट्रेनिंग पूरी की थी। इसके बाद उनकी उम्मीद थी कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती में उन्हें नौकरी का मौका मिलेगा, लेकिन लंबे समय से भर्ती नहीं निकलने की वजह से उनका इंतजार जारी है।
15 अगस्त को अखिलेश यादव कानपुर के रसूलाबाद दौरे से लौट रहे थे। उनका काफिला बिल्हौर के ककवन रोड से गुजर रहा था। इसी दौरान सपना ने काफिला रुकवाया और अखिलेश यादव से मुलाकात की।सपना ने अखिलेश यादव के सामने अपनी परेशानी रखी। उन्होंने BTC अभ्यर्थियों की शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाने की अपील की। सपना का कहना था कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।
इसी बातचीत के दौरान सपना भावुक हो गईं। उन्होंने अपने कान से बाली उतारी और अखिलेश यादव को देने की पेशकश करते हुए कहा कि अगर सरकार बनाने में पैसे की कमी पड़ रही हो तो वह अपनी बाली दे सकती हैं। हालांकि, अखिलेश यादव ने उनकी बाली लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने सपना को भरोसा दिलाया कि सरकार बनने पर शिक्षक भर्ती और BTC अभ्यर्थियों के मुद्दे पर काम करने की कोशिश की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, सपना के पिता शिक्षक पद से रिटायर हो चुके हैं। उनकी बहन भी शिक्षक हैं, जबकि उनका भाई शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा है। सपना ने भी ग्रेजुएशन के बाद BTC की ट्रेनिंग पूरी की थी। सपना का कहना है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ी नहीं हैं। अखिलेश यादव को बाली देने की पेशकश उन्होंने अपनी परेशानी के बीच भावुक होकर की थी।
अब इस पूरी घटना का वीडियो और सपना की कहानी चर्चा में है। खासकर इसलिए क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और बेरोजगारी व सरकारी भर्तियां बड़े राजनीतिक मुद्दों में शामिल हैं। कानपुर में कुछ मिनट की ये मुलाकात भले ही छोटी रही हो, लेकिन सपना की बाली ने बेरोजगारी और भर्ती के इंतजार से जुड़े एक बड़े सवाल को जरूर सामने ला दिया है।