1. हिन्दी समाचार
  2. सेहत
  3. बड़े बुजुर्ग रात में सीटी बजाने से क्यों करते हैं मना, आखिर क्या होता है ऐसा करने से, जानकर हैरान रह जाएंगे आप

बड़े बुजुर्ग रात में सीटी बजाने से क्यों करते हैं मना, आखिर क्या होता है ऐसा करने से, जानकर हैरान रह जाएंगे आप

कुछ लोगो को सीटी की धुन पर गुनगुने या फिर सीटी बजाने की आदत होती है। इसी वजह से दादी नानी या किसी न किसी बड़े बुजुर्ग के मुंह से आपने ये बात जरुर सुनी होगी कि रात में सीटी नहीं बजानी चाहिए। पर क्या आप जानते है इसके पीछे की वजह क्या है। तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहे है कि आखिर क्यों बड़े बुजुर्ग रात में सीटी बजाने से क्यो मना करते है।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

कुछ लोगो को सीटी की धुन पर गुनगुने या फिर सीटी बजाने की आदत होती है। इसी वजह से दादी नानी या किसी न किसी बड़े बुजुर्ग के मुंह से आपने ये बात जरुर सुनी होगी कि रात में सीटी नहीं बजानी चाहिए। पर क्या आप जानते है इसके पीछे की वजह क्या है। तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहे है कि आखिर क्यों बड़े बुजुर्ग रात में सीटी बजाने से क्यो मना करते है।

पढ़ें :- बच्चों का स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित कर रही योगी सरकार, कुपोषण व बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरणों का होगा उपयोग

ज्योतिष के अनुसार भी रात के समय सीटी बजाना अच्छा नहीं माना जाता है। दादी-नानी की ये बातें आपको कुछ समय के लिए अटपटी या फिर मिथक लग सकती है, लेकिन शास्त्र में इसके कारण और इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया है। अगर आप दादी-नानी की बताई बातों को फॉलो करेंगे तो सुखी रहेंगे और भविष्य में होनी वाली अशुभ घटना से बच जाएंगे।

ऐसी मान्यता है कि रात के समय सीटी बजाने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। ऐसा भी कहा जाता है कि रात के समय सीटी बजाकर व्यक्ति जाने-अनजाने में संकट को आमंत्रित करता है। आपको भले सीटी बजाकर अच्छा लगता हो, लेकिन रात में सीटी बजाना अन्य लोगों की मानसिकता को भंग कर सकता है।

एक मान्यता यह है कि रात के समय सीटी बजाने से बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती हैं। भारत में कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि रात के समय सीटी बजाना सांप को आमंत्रित करना होता है। रात के समय सीटी न बजाने की प्रचलित मान्यता के अनुसार, इससे शनि देव और भैरव नाराज हो जाते हैं।

पढ़ें :- कोविड-19 वैक्सीन दुष्प्रभाव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, कहा- केंद्र मुआवजा नीति बनाए, ताकि पीड़ितों को गंभीर नुकसान होने पर मिल सके राहत
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...