1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. अब यूपी में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था होगी लागू, श्रम विभाग की बैठक में हुआ बड़ा निर्णय

अब यूपी में हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था होगी लागू, श्रम विभाग की बैठक में हुआ बड़ा निर्णय

यूपी में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था (Work-from-Home System) लागू होगी। श्रम विभाग की बैठक में ये फैसला लिया गया है। प्रदेश के बड़े संस्थानों में ये व्यवस्था लागू होगी। वहीं अलग-अलग शिफ्ट में भी कार्यालय खुलेंगे। औद्योगिक इकाइयों में भी 2 दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था की जाएगी।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। यूपी में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था (Work-from-Home System) लागू होगी। श्रम विभाग की बैठक में ये फैसला लिया गया है। प्रदेश के बड़े संस्थानों में ये व्यवस्था लागू होगी। वहीं अलग-अलग शिफ्ट में भी कार्यालय खुलेंगे। औद्योगिक इकाइयों में भी 2 दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था की जाएगी। अलग-अलग शिफ्ट भी संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग को भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। श्रम विभाग की बैठक में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

पढ़ें :- लखनऊ की मशहूर "शर्मा जी की चाय" के मालिक का बेटा हर्ष फायरिंग केस में गिरफ्तार

बता दें कि पीएम मोदी (PM Modi) की अपील के बाद प्रदेश में इसका असर दिखने लगा है। बीते दिनों सीएम योगी (CM Yogi) ने भी बैठक में अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए थे। जिसमें उन्होंने कहा था कि औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि को ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था (Work-from-Home System) अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू करने के लिए प्रदेश स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए।

सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा था कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप सहित अन्य सरकारी बैठकों का आयोजन यथासंभव वर्चुअल माध्यम से किया जाए। राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकों का आयोजन भी वर्चुअल माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगे कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान के अनुपालन के लिए हमें तत्परता के साथ आगे आना होगा। ईंधन की खपत कम करें। मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। साथ ही, सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ा जाए।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...