Jaiswal-Fernando Fight : कोलंबो टेस्ट के पहले दिन बीच मैदान तनावपूर्ण स्थिति तब बन गयी, जब श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल को आउट करने के बाद उकसाने वाली टिप्पणी की। जिसके बाद जायसवाल पीछे मुड़कर गेंदबाज की ओर से तेजी से बढ़े और दोनों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई है। इस दौरान बाकी श्रीलंकाई खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रिकेट एक्सपर्ट हर्षा भोगले ने कहा कि जायसवाल को ऐसा नहीं करना चाहिए था उन्हें चुपछाप चले जाना चाहिए था। लेकिन, भारतीय ओपनर को ये बात बिलकुल रास नहीं आयी।
Jaiswal-Fernando Fight : कोलंबो टेस्ट के पहले दिन बीच मैदान तनावपूर्ण स्थिति तब बन गयी, जब श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल को आउट करने के बाद उकसाने वाली टिप्पणी की। जिसके बाद जायसवाल पीछे मुड़कर गेंदबाज की ओर से तेजी से बढ़े और दोनों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई है। इस दौरान बाकी श्रीलंकाई खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रिकेट एक्सपर्ट हर्षा भोगले ने कहा कि जायसवाल को ऐसा नहीं करना चाहिए था उन्हें चुपछाप चले जाना चाहिए था। लेकिन, भारतीय ओपनर को ये बात बिलकुल रास नहीं आयी।
दरअसल, क्रिकबज ने जायसवाल और फर्नांडो की लड़ाई पर हर्षा भोगले की राय वाला एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। इस पर प्रतिक्रिया देने से भारतीय ओपनर खुद को रोक नहीं पाये। उन्होंने कमेन्ट करके कहा कि अगर उन्हें नहीं पता कि श्रीलंकाई गेंदबाज ने उन्हें क्या कहा थन तो उन्हें कोई राय नहीं बनानी चाहिए थी। जायसवाल ने लिखा, “अगर आपको नहीं पता कि मुझे आउट करने के बाद उसने मुझसे क्या कहा, तो प्लीज़ कोई राय न बनाएं। अगर कोई हद पार करता है, तो हमें उन्हें बताना होगा कि यह भारत लड़ेगा और जवाब देगा। हम चुप नहीं रहेंगे। इसलिए, पूरी बात जाने बिना कोई कमेंट न करें।” इस कमेंट के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गयी है। कुछ फैंस का कहना है कि जायसवाल को अपनी गलती मान लेनी चाहिए थी, लेकिन वो इस तरह की बात कर रहे हैं।
भोगले ने क्या कहा था?
क्रिकबज की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में जायसवाल और फर्नांडो की लड़ाई पर हर्षा भोगले कहते हैं- “वह (जायसवाल) आउट होकर जा रहा है। इस दौरान कोई उससे कुछ कह रहा है, मैं कभी भी सेंड ऑफ का फैन नहीं रहा। आप में से बहुत से लोग जानते हैं, एक बार जब आप बैटर को आउट कर देते हैं, तो वह काफी होता है। गाले में निरोशन डिकवेला के साथ यशस्वी की एक हिस्ट्री है, तो किसी ने उससे कुछ कहा। ऐसी सिचुएशन में सबसे अच्छा यही है कि आप बस चले जाएं, लेकिन वह मुड़ते हैं और वापस आते हैं। तभी सब लोग आ जाते हैं। वे मेरे हिसाब से थोड़े बहुत करीब आ गए थे।”
भोगले ने आगे कहा, “मैं जायसवाल से बस इतना ही कहूंगा, हां, शायद जो कहा गया वह गेंदबाज को नहीं कहना चाहिए था, लेकिन जैसा आप देते हैं, वैसा ही आपको स्वीकार भी करना चाहिए। सबसे आसान तरीका है कि जायसवाल को चले जाना चाहिए था। उनमें इतना टैलेंट है, लेकिन अंदर से वे थोड़े लड़ाकू इंसान हैं और में उनकी जैसी असाधारण काबिलियत वाले किसी इंसान के लिए आखिरी चीज यह चाहूंगा कि वह इंसान उनके असाधारण बैटर पर हावी हो जाए और उन्हें थोड़ी परेशानी में डाल दे, इसलिए उन्हें उकसाया गया, लेकिन यह टेस्ट मैच क्रिकेट है, वह भी उकसाते हैं। मुझे लगा कि वे थोड़े ज्यादा करीब आ गए थे।”