1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. Unique Miracle of Nature : ऑस्ट्रेलिया की इस झील का पानी नीला नहीं, बल्कि है एकदम गुलाबी

Unique Miracle of Nature : ऑस्ट्रेलिया की इस झील का पानी नीला नहीं, बल्कि है एकदम गुलाबी

ऑस्ट्रेलिया के मिडिल आइलैंड (Middle Island) पर एक ऐसी अनोखी झील स्थित है, जिसे देखकर पहली बार में कोई भी दंग रह जाए। जहां आमतौर पर नदियों और झीलों का पानी नीला, हरा या पारदर्शी होता है, वहीं लेक हिलियर (Lake Hillier) का पानी पूरी तरह से गुलाबी है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मिडिल आइलैंड (Middle Island) पर एक ऐसी अनोखी झील स्थित है, जिसे देखकर पहली बार में कोई भी दंग रह जाए। जहां आमतौर पर नदियों और झीलों का पानी नीला, हरा या पारदर्शी होता है, वहीं लेक हिलियर (Lake Hillier) का पानी पूरी तरह से गुलाबी है। जब आप इसे ऊंचाई या हवाई जहाज से देखते हैं, तो यह झील किसी खूबसूरत स्ट्रॉबेरी मिल्कशेक या बबलगम जैसी नज़र आती है। यह अनोखा नज़ारा दुनिया भर के पर्यटकों और वैज्ञानिकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

पढ़ें :- क्या अंबानी हैं असली बॉस...? एलन मस्क ने Starlink मामले पर पूछे सवाल, राहुल गांधी बोले-भारत में आपका है स्वागत

गुलाबी पानी के पीछे की वैज्ञानिक वजह

पहली नज़र में लेक हिलियर का पानी किसी जादू या इंसानी कारनामे जैसा लगता है, लेकिन असल में यह प्रकृति की एक अद्भुत जैविक प्रक्रिया है। वैज्ञानिकों ने लंबी शोध के बाद यह पाया है कि इस पानी के गुलाबी रंग के पीछे कोई कृत्रिम कारण नहीं, बल्कि झील में मौजूद खास तरह के सूक्ष्मजीव और नमक की अत्यधिक मात्रा है।

इस झील के पानी में ‘डुनालिएला सलीना’ (Dunaliella salina) नाम का एक विशेष शैवाल (Algae) पाया जाता है। अत्यधिक खारे पानी में जीवित रहने वाला यह शैवाल बीता-कैरोटीन (Beta-Carotene) नाम का एक रंगद्रव्य (Pigment) पैदा करता है। यही बीता-कैरोटीन गाजर और टमाटर जैसी सब्ज़ियों को भी उनका लाल या नारंगी रंग देता है। इसके अलावा, झील में ‘हेलोबैक्टीरिया’ (Halobacteria) नाम के नमक-प्रेमी बैक्टीरिया भी मौजूद हैं। जब यह शैवाल और बैक्टीरिया अत्यधिक खारे वातावरण में एक साथ मिलते हैं, तो धूप के संपर्क में आकर झील का पानी पूरी तरह गुलाबी दिखने लगता है।

हमेशा एक जैसा रहता है रंग

पढ़ें :- बिहार के मधुरेंद्र ने तीन घंटे में नाना पाटेकर को दी अनोखी श्रद्धांजलि, पीपल के पत्ते पर उकेरी उनकी तस्वीर

लेक हिलियर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका गुलाबी रंग सिर्फ दूर से ही दिखाई नहीं देता। अगर आप इस झील का पानी किसी कांच की बोतल या गिलास में भरकर निकाल लें, तब भी इसका रंग गुलाबी ही बना रहता है। मौसम बदलने या धूप कम-ज्यादा होने पर भी इसके रंग पर कोई असर नहीं पड़ता।

झील के ठीक बगल में गहरा नीला हिंद महासागर बहता है। हरे-भरे जंगलों के बीचो-बीच स्थित इस गुलाबी झील और उसके ठीक पार फैले नीले समुद्र का यह अंतर देखने में बेहद खूबसूरत और अद्भुत लगता है।

क्या इस झील में तैरना सुरक्षित है?

यद्यपि झील में नमक की मात्रा बहुत अधिक है, फिर भी वैज्ञानिकों के अनुसार इसका पानी इंसानी त्वचा के लिए हानिकारक नहीं है। इसमें मौजूद सूक्ष्मजीव इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते। हालांकि, पर्यावरण और इस प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा के कारण आम पर्यटकों के लिए इसमें उतरना या तैरना प्रतिबंधित है। पर्यटक ज्यादातर हेलीकॉप्टर या बोट टूर के ज़रिए ही दूर से इस अजूबे का नज़ारा लेते हैं।

लेक हिलियर यह साबित करती है कि हमारी पृथ्वी पर प्रकृति के ऐसे अनगिनत रहस्य और अजूबे छिपे हैं, जो हमारी कल्पना से भी परे हैं। यह गुलाबी झील वाकई में कुदरत की अनूठी कारीगरी और खूबसूरती का एक बेहतरीन उदाहरण है।

पढ़ें :- ‘प्रदेश डुबाओ एलायंस’ (PDA) में सैफई या सिफारिश से मिलती थी नौकरी, NDA का मतलब ‘नौकरी देंगे एलायंस’ : सीएम योगी

रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...