सोशल मीडिया पर इन दिनों अफ्रीका की एक महिला से जुड़ा दावा चर्चा में है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि महिला अब तक 18 बार गर्भवती हो चुकी है और उसे बार-बार गर्भधारण करने की इच्छा होती है। महिला का नाम कैरेन बताया जा रहा है और वो अफ्रीका की रहने वाली है...
Viral-News: सोशल मीडिया पर इन दिनों अफ्रीका की एक महिला से जुड़ा दावा चर्चा में है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि महिला अब तक 18 बार गर्भवती हो चुकी है और उसे बार-बार गर्भधारण करने की इच्छा होती है। महिला का नाम कैरेन बताया जा रहा है और वो अफ्रीका की रहने वाली है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है, इसलिए इसे प्रमाणित मेडिकल तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
@GhanaTalksRadio के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, कैरेन ने डॉक्टर के सामने अपनी परेशानी का जिक्र किया। उसका कहना है कि जब वह गर्भवती नहीं होती है तो उसे बेचैनी और डिप्रेशन जैसा महसूस होता है। इसी वजह से उसका अनुभव सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
‘प्रेग्नेंसी की लत’ कोई मान्य बीमारी नहीं
गर्भावस्था और बच्चे के जन्म से जुड़ा अनुभव कई महिलाओं के लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। परिवार का सहयोग, बच्चे के जन्म के बाद मिलने वाला लगाव और मातृत्व का अनुभव किसी महिला में दोबारा गर्भधारण की इच्छा पैदा कर सकता है। लेकिन केवल बार-बार बच्चा चाहने को अपने आप में किसी मानसिक बीमारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
अगर किसी व्यक्ति को किसी इच्छा या व्यवहार पर नियंत्रण रखने में लगातार परेशानी हो रही हो और उसका असर उसके मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों या रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा हो, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है।
मौजूदा मेडिकल वर्गीकरण में ‘प्रेग्नेंसी एडिक्शन’ यानी गर्भवती होने की लत को अलग से मान्यता प्राप्त बीमारी या आधिकारिक निदान नहीं माना जाता। इसलिए सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किए जा रहे इस तरह के शब्दों को लेकर सावधानी जरूरी है।
बार-बार गर्भधारण में डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी?
हर गर्भावस्था महिला के शरीर पर अलग तरह का प्रभाव डाल सकती है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। लगातार या कम अंतराल में गर्भधारण की योजना बनाते समय महिला की उम्र, सामान्य स्वास्थ्य, पिछली गर्भावस्थाओं और प्रसव से जुड़ी परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी होता है।
इसी कारण परिवार बढ़ाने का फैसला लेने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उपयोगी रहता है। डॉक्टर महिला की व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर गर्भावस्थाओं के बीच उचित अंतर और जरूरी स्वास्थ्य देखभाल के बारे में बता सकते हैं।
अफ्रीका में बड़े परिवारों की परंपरा के पीछे कई वजहें
अफ्रीका के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत बड़े परिवार देखने को मिलते हैं, लेकिन इसके पीछे केवल एक कारण नहीं है। कई क्षेत्रों में सामाजिक परंपराएं, परिवार और समुदाय की सोच, ग्रामीण जीवन, खेती-किसानी और आर्थिक परिस्थितियां परिवार के आकार को प्रभावित करती हैं।
कुछ समुदायों में अधिक बच्चों वाले परिवार को सामाजिक रूप से सामान्य माना जाता है, जबकि कई परिवारों के लिए बच्चे भविष्य में परिवार के कामकाज में सहयोग का हिस्सा भी होते हैं।
ऐसे में कैरेन से जुड़ा 18 बार गर्भवती होने का दावा अपनी जगह चर्चा में जरूर है, लेकिन इसे अफ्रीका की सभी महिलाओं या वहां के परिवारों की सामान्य तस्वीर मानना सही नहीं होगा।