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महाराष्ट्र के खेल मंत्री मणिकराव कोकाटे के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी, 19 दिसंबर को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

महाराष्ट्र के खेल मंत्री और एनसीपी नेता माणिकराव कोकाटे (Maharashtra Sports Minister Manikrao Kokate) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नासिक की एक सत्र अदालत ने 1995 के धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में उनकी दो साल की जेल की सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही नासिक अदालत (Nashik Court) ने कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर दिया है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

मुंबई। महाराष्ट्र के खेल मंत्री और एनसीपी नेता माणिकराव कोकाटे (Maharashtra Sports Minister Manikrao Kokate) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नासिक की एक सत्र अदालत ने 1995 के धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में उनकी दो साल की जेल की सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही नासिक अदालत (Nashik Court) ने कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी कर दिया है।

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बता दें कि महाराष्ट्र की नासिक डिस्ट्रिक्ट और सेशंस कोर्ट ने मंगलवार को राज्य की राजनीति में बड़ा फैसला सुनाते हुए महाराष्ट्र सरकार के खेल मंत्री और एनसीपी अजित पवार गुट के नेता माणिकराव कोकाटे को दो साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट आवंटन में धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि अगर तय समय में जुर्माने की राशि नहीं भरी जाती है, तो दोनों आरोपियों को एक महीने की अतिरिक्त जेल सजा भुगतनी होगी। एडवोकेट सुधीर कोटवाल ने जानकारी दी कि सेशंस कोर्ट के आदेश के अनुसार अब निचली अदालत को गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। माणिकराव कोकाटे की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो वे 67 साल के हैं और सिन्नर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने 1999, 2004 और 2009 में चुनाव जीते थे। 2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2024 में वे एनसीपी अजित पवार गुट से फिर से विधायक चुने गए। इस केस की शुरुआत साल 1997 में हुई थी, जब पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोले ने मुख्यमंत्री कोटे के फ्लैट्स में कथित धोखाधड़ी को लेकर याचिका दाखिल की थी। मामला नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। करीब 27 साल बाद अब इस केस में अदालत ने सजा सुनाई है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।

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