भारत की प्रमुख आतंकवाद विरोधी संघीय जांच एजेंसी, (NIA) राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को कैदियों के कट्टरपंथ और आतंकी साजिश से जुड़े मामले में बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल (Parappana Agrahara Central Jail, Bengaluru) में सात दोषियों को सजा सुनाई है।
नई दिल्ली। भारत की प्रमुख आतंकवाद विरोधी संघीय जांच एजेंसी, (NIA) राष्ट्रीय जांच एजेंसी की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को कैदियों के कट्टरपंथ और आतंकी साजिश से जुड़े मामले में बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल (Parappana Agrahara Central Jail, Bengaluru) में सात दोषियों को सजा सुनाई है। इस अपराध के मुख्य साजिशकर्ता और लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के सदस्य टी नसीर सहित सभी सात दोषियों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है।
फैसला और जुर्माना
अदालत के विशेष न्यायाधीश ने दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और सात—सात साल की जेल की सजा के साथ-साथ हर एक पर ₹48,000 का जुर्माना भी लगाया है। इनमें सजा पानेवालों में मास्टरमाइंड नसीर जो कि पहले से ही उम्रकैद काट रहा है, इसके अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी, और सलमान खान भी शामिल हैं।
जानिए पूरा मामला
यह मामला एक बहुत ही खतरनाक साजिश से जुड़ा है जो बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में रची गई थी। एनआईए के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी टी. नसीर ने जेल में रहते हुए उसके भीतर ही अन्य कैदियों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकी संगठन में भर्ती करने का अभियान चला रहा था। इस साजिश के बारे में जुलाई 2023 में पता चला जब बेंगलुरु पुलिस ने छापेमारी के दौरान सात पिस्तौल, चार हैंड ग्रेनेड, वॉकी-टॉकी और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा जांच में ये भी सामने आया कि ये आतंकी जेल से बाहर आने के बाद भारत में बहुत बड़े आत्मघाती हमलों (Fidayeen Attacks) को अंजाम देने की तैयारी में थे।
एनआईए अभी भी इस मामले के मुख्य हैंडलर्स जुनैद अहमद और सलमान खान की तलाश कर रही है क्योंकि वे विदेशों से इस आतंकी सेल को फंडिंग और हथियार मुहैया करा रहे थे।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह