प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, आज का दिन आप सभी ने मेरे लिए बहुत यादगार बना दिया। मैं अभिभूत हूं, कृतज्ञ हूं। 'चरैवेति-चरैवेति' के मंत्र का जाप करते हुए, इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखते हुए, एक दिन यह पड़ाव भी आएगा, यह मैंने कभी सोचा नहीं था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर मिलना, इसे मैं अपना परम सौभाग्य मानता हूं। आपने इस अवसर पर मुझे सम्मानित किया, इतना मान दिया, इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभारी हूं।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर देश की जनता का आभार प्रकट किया। इस दौरान उन्होंने कहा, इतने लंबे समय तक मां भारती की सेवा का सौभाग्य मिलना, यह ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव हो सकता है। मेरे लिए तो जनता-जनार्दन ही ईश्वर का रूप है। इसलिए मैंने सेवा कार्य को एक साधना के रूप में देखा है। यह साधना भी एकाकी नहीं रही, यह एक सामूहिक यज्ञ है, जिसमें आप सभी साथियों ने अपना योगदान दिया है। मैं आज इस यात्रा के सभी साथियों के प्रति अपना आभार प्रकट करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, आज का दिन आप सभी ने मेरे लिए बहुत यादगार बना दिया। मैं अभिभूत हूं, कृतज्ञ हूं। ‘चरैवेति-चरैवेति’ के मंत्र का जाप करते हुए, इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखते हुए, एक दिन यह पड़ाव भी आएगा, यह मैंने कभी सोचा नहीं था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का अवसर मिलना, इसे मैं अपना परम सौभाग्य मानता हूं। आपने इस अवसर पर मुझे सम्मानित किया, इतना मान दिया, इसके लिए मैं आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत आभारी हूं।
उन्होंने कहा, 2014 में जब एनडीए की जीत हुई थी, तब मैंने कहा था कि आज देश के सामान्य मानवी में एक आशा का उदय हुआ है। इस आशा का, इस उम्मीद का संरक्षण हम सभी का दायित्व था। देश के लोगों ने कांग्रेस के विश्वासघात के बाद अपना भरोसा हमें सौंपा था। आज मुझे संतोष है, गर्व है कि एनडीए परिवार के तौर पर हमने देश के विश्वास को हमेशा और मजबूत किया है।
विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपये के घोटालों में घसीट दिया। देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में NDA की सरकार बनी।
देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं तो विकास की गति कैसी होती है। इस कांग्रेस ग्रोथ रेट में न सुशासन था, न नीति, न नीयत और ना निर्णय। पहली बार अटल जी के नेतृत्व में NDA सरकार आई, तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है। लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया।
पीएम ने कहा, NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ है। कांग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना के गर्त में गिरा दिया था। देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था, ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ यानी कार्यशैली कांग्रेस की, दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया। जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था कांग्रेस ग्रोथ रेट।
साथ ही कहा, सवाल ये है कि अगर 12 साल में इतना कुछ हो सकता है तो फिर दशकों तक क्यों नहीं हुआ? ये ‘कांग्रेस ग्रोथ रेट’ और ‘NDA ग्रोथ रेट’ का अंतर है। एक व्यवस्था लोगों को इंतजार कराती थी। आज की व्यवस्था परिणाम दिखाती है। एक व्यवस्था काम अटकाती-भटकाती थी। आज की व्यवस्था कहती है, काम अभी होगा, समय पर होगा और बड़े पैमाने पर होगा। इसलिए 2014 से 2026 की कहानी केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, ये उस भारत की कहानी है, जिसने पहली बार अपनी पूरी क्षमता के साथ दौड़ना तय किया है।