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MGNREGA पर हमला करना करोड़ों मज़दूरों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर है हमला करना: खरगे

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस साफ तौर पर 3 मांगें करती है—VB GRAM G क़ानून वापस लिया जाए, MGNREGA को अधिकार आधारित कानून के तौर पर बहाल किया जाए और काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बहाल किया जाए। इसीलिए हमने देशव्यापी “MGNREGA बचाओ संग्राम” शुरू किया है- MGNREGA कोई चैरिटी नहीं है। यह एक कानूनी गारंटी है।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने MGNREGA के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, MGNREGA पर हमला करना करोड़ों मज़दूरों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला करना है। हम हर पंचायत से लेकर संसद तक, शांतिपूर्वक तरीक़े और मज़बूती से इसका विरोध करेंगे।

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मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस साफ तौर पर 3 मांगें करती है—VB GRAM G क़ानून वापस लिया जाए, MGNREGA को अधिकार आधारित कानून के तौर पर बहाल किया जाए और काम के अधिकार और पंचायतों के अधिकार को बहाल किया जाए। इसीलिए हमने देशव्यापी “MGNREGA बचाओ संग्राम” शुरू किया है- MGNREGA कोई चैरिटी नहीं है। यह एक कानूनी गारंटी है। करोड़ों सबसे गरीब लोगों को उनके अपने गांवों में काम मिला, भूख और मजबूरी में पलायन कम हुआ, ग्रामीण मज़दूरी बढ़ी, और महिलाओं की आर्थिक गरिमा मज़बूत हुई। VB GRAM G इस अधिकार को खत्म करने के लिए बनाया गया है। कांग्रेस इसका कड़ा विरोध करती है क्योंकि काम अब गारंटी वाला अधिकार नहीं रहेगा, बल्कि चुनी हुई पंचायतों में सिर्फ़ एक अनुमति होगी। बजट सीमित कर दिया जाएगा, इसलिए संकट के समय भी पैसा खत्म होने पर काम बंद हो जाएगा।

उन्होंने आगे कहा, दिल्ली फंड और काम तय करेगी, जिससे ग्राम सभाएं और पंचायतें बेकार हो जाएंगी। 60 दिन के काम के ब्लैकआउट से सबसे ज़्यादा ज़रूरत के समय काम न देने को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। मज़दूरी एक सुरक्षित हक होने के बजाय अनिश्चित और कम की जा सकेगी। राज्यों को 40 प्रतिशत फंड देने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिससे संघवाद कमज़ोर होगा और गरीब राज्यों को नुकसान होगा।

साथ ही कहा, टेक्नोलॉजी बायोमेट्रिक और ऐप आधारित रुकावटों के ज़रिए मज़दूरों को बाहर कर देगी। गांव की संपत्तियों की जगह ठेकेदार शैली की परियोजनाएं ले लेंगी। MGNREGA पर हमला करना करोड़ों मज़दूरों और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हमला करना है। हम हर पंचायत से लेकर संसद तक, शांतिपूर्वक तरीक़े और मज़बूती से इसका विरोध करेंगे।

 

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