Audi के लिए 6 से 8 मार्च की तारीख काफी यादगार बन गई है। इस कंपनी ने मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलियाई ग्रांड प्रिक्स के जरिए पहली बार Formula 1 की दुनिया में कदम रखा है। ऑडी की रेसिंग टीम के ड्राइवर निको लकेनबर्ग और गैब्रियल बोर्टोलेटो ने अल्बर्ट पार्क ट्रैक पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
नई दिल्ली। Audi के लिए 6 से 8 मार्च की तारीख काफी यादगार बन गई है। इस कंपनी ने मेलबर्न में आयोजित ऑस्ट्रेलियाई ग्रांड प्रिक्स के जरिए पहली बार Formula 1 की दुनिया में कदम रखा है। ऑडी की रेसिंग टीम के ड्राइवर निको लकेनबर्ग और गैब्रियल बोर्टोलेटो ने अल्बर्ट पार्क ट्रैक पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस मौके पर Audi RS 5 को दुनिया के सामने पेश किया गया जो कंपनी का पहला हाइब्रिड इंजन मॉडल है।
ऑडी ने पुरानी यादों को किया ताजा
ऑडी ने अपनी पुरानी मशहूर रेस कार Audi R8 को म्यूजियम से बाहर निकाला जिसका डिजाइन मगरमच्छ जैसा है। इस कार ने साल 2000 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित Race of a Thousand Years जीता था। खास बात यह रही कि इस कार को वहीं ड्राइवर, एलन मैकनिश, चला रहे थे जिन्होंने 26 साल पहले रेस जीती थी।
मेहमानों का ऑडी ने किया स्वागत
रेस का रोमांच शुरू होने से पहले ही ऑडी टीम ने कई खास मेहमानों का स्वागत किया। मशहूर ऑस्ट्रेलियाई सर्फर स्टेफनी गिलमोर और नामी शेफ गुइमौल ब्राहिमी जैसी हस्तियां भी इस इवेंट में शामिल हुई। रविवार को International Womens Day है। इस मौके पर ऑडी ने गर्ल्स ऑन ट्रैक नाम का एक प्रोग्राम रखा जिसका मकसद लड़कियों और महिलाओं को रेसिंग में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।
Audi के लिए खास है F1
कंपनी के CEO गेर्नोटडोल्नर का कहना है कि फॉर्मूला-1 में उतरना कंपनी के लिए एक नए युग की शुरुआत है। यह सिर्फ रेसिंग ट्रैक तक सीमित नहीं बल्कि कंपनी की सोच और काम करने के तरीके में भी बड़ा बदलाव है। उन्होंने बताया कि, जब सब लोग एक ही लक्ष्य पर मिलकर काम करते हैं तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
रेसिंग में समय की होती है कीमत
रेसिंग की दुनिया में एक सेकंड का हजारवां हिस्सा भी बहुत कीमती होता है। यह सिखाता है कि काम में पूरी तरह फोकस्ड और सटीक होना कितना जरूरी है। चुनौतियों से डरने के बजाय, Audi इस रेसिंग प्रोजेक्ट को हर दिन बेहतर बनाने और कुछ नया सीखने के जरिए के रूप में होता है।