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अवध ओझा ने स्वरा भास्कर को उल्टा-सीधा बयान न देने की दी सलाह, बोले-भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, नहीं तो 30-40 करोड़ लोगों को मैं ऐसे ही निपटा दूंगा…

आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और कोचिंग गुरु अवध ओझा (Awadh Ojha) ने बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर (Bollywood actress Swara Bhasker) को जौहर को लेकर दिए गए विवादित बयान पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री को इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि तब उन्हें पता चलेगा कि दुनिया की कितनी महान कौम थी वो राजपूतानियां?

By santosh singh 
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और कोचिंग गुरु अवध ओझा (Awadh Ojha) ने बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर (Bollywood actress Swara Bhasker) को जौहर को लेकर दिए गए विवादित बयान पर तीखा जवाब दिया है। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री को इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा कि तब उन्हें पता चलेगा कि दुनिया की कितनी महान कौम थी वो राजपूतानियां? ओझा ने कहा कि जो मौत को जीत लेता है वह भगवान हो जाता है।

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स्वरा भास्कर फालतू के काम मत करिए

अब अवध ओझा ने भी स्वरा भास्कर को जवाब दिया है। उन्होंने एक वीडियो में कहा, कि ‘एक हमारी बहन स्वरा भास्कर जी हैं। उन्होंने कहा कि वो राजपूतानियां कायर थीं। बहन जी, पढ़िए आप इतिहास को। खजानुल फतूह को पढ़िए। एक बार आप खजाइनुल फतूह को पढ़िए। अमीर खुसरो के व्याख्यानों को पढ़िए। तब आपको पता चलेगा कि कितनी महान कौम थी वो राजपूतानियां? बहन जी जो मौत को जीत लेता है ना वो भगवान हो जाता है। फिर से पढ़िए आप। अब मैं क्या बोलूं? आप अपने ज्ञान को फिर से सही करिए और इस तरह के कॉमेंट से बचिए। अपने देश की जो विशेषताएं हैं, जौहर दुनिया की सबसे बड़ी… (कुछ पल ठहरने के बाद) आप शायद समझ नहीं पाईं या किसी ने आपको भरमा दिया तो आप उस पर थोड़ा सा बचिए इन सब चीजों से। बहकावे में आके उल्टे-सीधे बयान मत दीजिए। मैं आपसे अपील करता हूं कि फालतू में इस तरह के काम मत करिए।’

हालांकि, बाद में स्वरा भास्कर ने सफाई देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणी का गलत अनुवाद किया गया। उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली अन्य महिलाओं को ‘कायर’ नहीं कहा। उन्होंने कहा था कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ में दिखाए गए जौहर के संदर्भ में यह टिप्पणी की थी। जौहर राजपूत समुदाय की कुछ परंपराओं से जुड़ी वह प्रथा थी, जिसमें युद्ध में पराजय निश्चित दिखने पर महिलाएं बंदी बनाए जाने, गुलामी या यौन हिंसा से बचने के लिए सामूहिक आत्मदाह करती थीं। स्वरा भास्कर इस बयान के बाद भाजपा, हिंदुवादी संगठनों और राजपूत समाज के निशाने पर आ गईं।

इसी क्रम में आगे बढ़ते हुए उन्होंने हिंदू-मुस्लिम वाली सोच को लेकर कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों को यह देखकर दुख होता होगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं प्रार्थना यही करता हूं कि भगवान मुझे सत्ता में मत लाना। डेली प्रार्थना करता हूं डेली।’ ओझा आगे कहते हैं, कि आज के भारत की जो स्थिति है उसे देखकर मैं परमात्मा से डेली सुबह शाम कहता हूं कि प्रभु हमको ना लाना सत्ता में और ना हमको सत्ता में बिठाना। नहीं 30-40 करोड़ लोगों को तो मैं ऐसे ही निपटा दूंगा। बदतमीजी कतई बर्दाश्त नहीं होगी देश में। अब आगे भगवान की लीला, भगवान की मर्जी। अगर गलती से उसने देश की गद्दी पर बिठा दिया 30-40 करोड़ तो…।

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अवध ओझा (Awadh Ojha) अब भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि वो कभी सत्ता में न आएं। मशहूर शिक्षक ने एक वीडियो में खुद यह बात कहते हुए एक दिलचस्प वजह भी बताई है। ओझा ने कहा कि उन्हें बदतमीजी बर्दाश्त नहीं है और यदि वह सत्ता में आ गए तो 30-40 करोड़ लोगों को ऐसे ही निपटा देंगे, इसलिए भगवान से अब ऐसी प्रार्थना कर रहे हैं।

बता दें कि अवध ओझा (Awadh Ojha) आप के टिकट पर पटपड़गंज सीट से 2025 का विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी से मिली हार से उनका दिल टूट गया था। ओझा जल्द ही राजनीति से दूरी बनाने लगे और कुछ महीनों बाद ही उन्होंने ‘आप’ से रिश्ता तोड़ते हुए संन्यास का भी ऐलान कर दिया। हालांकि, वह कई बार इशारों में तो कई बार खुलकर राज्यसभा जाने की इच्छा भी जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में सत्ता में ना आने की प्रार्थना का उनका बयान काफी दिलचस्प है।

अच्छा हिंदू और अच्छा मुस्लिम बनने की सीख अवध ओझा (Awadh Ojha) ने कहा कि एक हिंदू को अच्छा हिंदू और एक मुसलमान को अच्छा मुसलमान बनना चाहिए, ऐसा बनना चाहिए कि लोग तारीफ करें। उन्होंने कहा,कि भाई तुम हिंदू हो तो कुछ ऐसा करो कि हिंदू होने पर गर्व महसूस हो। तुम मुसलमान हो तो ऐसा कुछ करो कि दुनिया तारीफ करे कि मुसलमान ऐसा होना चाहिए। कैसे हिंदू थे स्वामी रामकृष्ण परमहंस, रामानंद जी, कैसे मुस्लिम थे रहीम… देश को मिटा दोगे तभी मानोगे।

अवध ओझा धार्मिक और जातिवादी सोच पर क्या बोले?

ओझा ने कहा कि लोग हिंदू-मुसलमान पर लड़ रहे हैं और स्वतंत्रता सेनानियों को यह देखकर दुख होता होगा। उन्होंने कहा,’ आज कितनी लड़ाई चल रही है बाहर हिंदू-मुसलमान… मैं सोचता हूं कभी-कभी कि जिन लोगों ने हमारी आजादी की लड़ाई लड़ी, सरदार भगत सिंह, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, वीडी सावरकर… अब जब ये ऊपर से देखते होंगे ना तो इन सब लोगों को बड़ा दुख होता होगा कि गलत किया हमने। हम ब्राह्मणों के लिए लड़े थे? हम दलितों के लिए लड़े थे? हम मुसलमानों के लिए लड़े थे? हम सरदारों के लिए लड़े थे? हम हिन्दुस्तान के लिए लड़े थे। हम हिन्दुस्तानियों के लिए लड़े थे।’

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